जम्मू-कश्मीर सरकार में बदलाव जल्द: उमर कैबिनेट में नए चेहरों की एंट्री संभव, कई मंत्रियों के विभाग भी बदलेंगे
उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार में करीब 22 महीने बाद कैबिनेट विस्तार और बड़े फेरबदल की तैयारी तेज हो गई है। मंत्रिपरिषद में नए चेहरों को शामिल करने के साथ मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदलने और कुछ को हटाने की भी संभावना जताई जा रही है।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार में जल्द बड़े स्तर पर कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की तैयारी चल रही है। सरकार के गठन के करीब 22 महीने बाद सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के भीतर मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन को लेकर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श तेज हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट में कुछ नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं, जबकि मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव व कुछ मंत्रियों को बाहर किए जाने की भी संभावना है। 10 साल के लंबे अंतराल के बाद हुए विधानसभा चुनाव के बाद एनसी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने 16 अक्तूबर 2024 को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वर्तमान में छह सदस्यीय मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री उमर के अलावा उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी और चार अन्य मंत्री-सकीना इत्तू, जावेद अहमद राणा, जावेद अहमद डार और सतीश शर्मा शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर में सांविधानिक प्रावधानों के तहत मुख्यमंत्री समेत मंत्रिपरिषद में अधिकतम नौ सदस्य हो सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सीएम उमर ने कैबिनेट फेरबदल की अटकलों पर विराम लगाते हुए संकेत दिया था कि 15 अगस्त के बाद विस्तार और पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अब स्वतंत्रता दिवस समारोह संपन्न होने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है कि नई कैबिनेट की रूपरेखा कब सामने आती है।
कई वरिष्ठ विधायकों के नाम चर्चा में
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए मंत्रियों के चयन के लिए एनसी के भीतर कई वरिष्ठ और प्रमुख विधायकों के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इनमें श्रीनगर के विधायक तनवीर सादिक, सोपोर के विधायक इरशाद रसूल कार, कुपवाड़ा के विधायक मीर सैफुल्ला, पहलगाम के विधायक अल्ताफ अहमद वानी, अनंतनाग के विधायक बशीर अहमद वीरी और पुंछ के विधायक एजाज अहमद जान के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट विस्तार को लेकर सीएम ने अपने पिता डॉ. फारूक अब्दुल्ला, पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद चौधरी मोहम्मद रमजान समेत जम्मू संभाग के कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ पिछले कुछ दिनों में विचार-विमर्श किया है।
कांग्रेस ने सरकार में शामिल होने से किया किनारा
इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपनी गठबंधन सहयोगी प्रदेश कांग्रेस से भी सरकार में शामिल होने को लेकर चर्चा की थी। हालांकि, कांग्रेस ने फिलहाल मंत्रिपरिषद में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने से इन्कार किया है और बाहर से समर्थन जारी रखने की स्थिति में है। ऐसे में माना जा रहा है कि क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को साधते हुए मुख्यमंत्री जल्द ही अपने तीन रिक्त पदों को भरकर नए चेहरों को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।