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बुआ आशापुर्णी के दर पर उमड़ा आस्था का सैलाब
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दोमाना। मढ़ क्षेत्र के सहारन में स्थित बुआ आशा पुर्णी पुरनी देवी के स्थान पर वीरवार को लखोत्रा बिरादरी की अर्ध वार्षिक मेल धूमधाम से मनाई गई। इसमें बिरादरी के सदस्यों ने कोविड नियमों के तहत बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रदेश में सुख शांति की कामना की।
जानकारी के अनुसार वीरवार को सहारन के बुआ आशापुर्णी देवी स्थान में लखोत्रा बिरादरी की ओर से धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अलसुबह से ही बिरादरी सदस्यों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह 10 बजे धार्मिक कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद हवन का आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने आहुतियां डाल कर प्रदेश सहित बिरादरी के लोगों के लिए सुख शांति की कामना की। इस दौरान बिरादरी के सदस्यों ने बुआ आशापुर्णी में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बाद में भक्तों के लिए लंगर लगाया गया।
दोपहर के बाद बिरादरी की कार्यकारी कमेटी की बैठक हुई, जिसमें पदाधिकारियों ने सदस्यों से मेल सहित धार्मिक कार्यक्रमों में बच्चों सहित आने की अपील की। ताकि उन्हें भी बिरादरी की परंपरा और रीति-रिवाजों की जानकारी मिल सके। बैठक में कमेटी के प्रधान घसीटा राम, रमेश लखोत्रा, राम लाल, मदन लाल, डीडीसी मढ़ बलबीर लाल, तरसेम लाल शिंदा आदि मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं की गई। प्रधान घसीटा राम और चेयरमैन रमेश लखोत्रा ने बताया कि यह देवस्थान 300 साल पुराना है। बुआ आशापुर्णी देवी इस जगह पर सती हो गई थीं। तब से बिरादरी के लोग इस जगह पर अर्ध वार्षिक मेल मनाते हैं।
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जानकारी के अनुसार वीरवार को सहारन के बुआ आशापुर्णी देवी स्थान में लखोत्रा बिरादरी की ओर से धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अलसुबह से ही बिरादरी सदस्यों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह 10 बजे धार्मिक कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद हवन का आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने आहुतियां डाल कर प्रदेश सहित बिरादरी के लोगों के लिए सुख शांति की कामना की। इस दौरान बिरादरी के सदस्यों ने बुआ आशापुर्णी में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बाद में भक्तों के लिए लंगर लगाया गया।
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दोपहर के बाद बिरादरी की कार्यकारी कमेटी की बैठक हुई, जिसमें पदाधिकारियों ने सदस्यों से मेल सहित धार्मिक कार्यक्रमों में बच्चों सहित आने की अपील की। ताकि उन्हें भी बिरादरी की परंपरा और रीति-रिवाजों की जानकारी मिल सके। बैठक में कमेटी के प्रधान घसीटा राम, रमेश लखोत्रा, राम लाल, मदन लाल, डीडीसी मढ़ बलबीर लाल, तरसेम लाल शिंदा आदि मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं की गई। प्रधान घसीटा राम और चेयरमैन रमेश लखोत्रा ने बताया कि यह देवस्थान 300 साल पुराना है। बुआ आशापुर्णी देवी इस जगह पर सती हो गई थीं। तब से बिरादरी के लोग इस जगह पर अर्ध वार्षिक मेल मनाते हैं।
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