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Jammu News: तिरंगा फहराते ही भारत माता के जयकारों से गूंजा सोहांजना
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जम्मू। गो गोपाल यज्ञ के दूसरे दिन सोहांजना में तवी किनारे स्थित श्री द्वारिकानाथ शास्त्री समाधि स्थल सोमवार को तिरंगा फहराते ही भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। इसमें काफी संख्या में क्षेत्रवासियों सहित श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इसके बाद ढोल नगाड़ों के साथ सरोवर तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। वहीं, 108 कलशों के यज्ञशाला में प्रवेश के साथ ही हवन-यज्ञ का आगाज हो गया। मंत्रोच्चारण के साथ दिनभर सोहांजना गूंजता रहा है।
18 दिसंबर से 26 दिसंबर तक चलने वाले गो गोपाल महायज्ञ के दौरान सोमवार को दूसरे दिन सबसे पहले सैन्य जवानों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रगान के साथ हुई। पुण्य वाचन, नांदी श्राद्ध और वरुण पूजा के बाद निकाली गई जल यात्रा में काफी संख्या में श्रद्घालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूजन के पश्चात गंगाधर महाराज के नेतृत्व में यज्ञशाला से सरोवर तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। वहीं, 108 कलशों के साथ यज्ञशाला में प्रवेश में साथ हवन यज्ञ का आगाज हो गया। जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर को श्री द्वारिका नाथ शास्त्री के जन्मोत्सव पर महान यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। पूर्णाहुति 26 को डाली जाएगी। साथ ही इसी पावन स्थल पर विशाल दंगल का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें प्रदेश सहित अन्य राज्यों और अन्यों देशों के पहलवान हिस्सा लेंगे।
अपनी संस्कृति और हिंदू धर्म पर लोग करें गर्व: महाराज
लोगों से अपनी संस्कृति और हिंदू धर्म पर गर्व करें। एक-एक गाय का पालन करें और प्रतिदिन गो पूजन करें। यह अपील गंगाधर महाराज ने गो गोपाल महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं से की। वहीं, समाज के युवाओं और व्यक्तियों में अच्छे संस्कारों के साथ ही पर्यावरणीय वैश्विक समस्याओं को उजागर करते हुए यज्ञ के महत्व के बारे में बताया। देशभक्ति गीत के माध्यम से राष्ट्र प्रेम जगाने का प्रयास किया।
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यज्ञशाला में श्रद्धालुओं के लिए हर सुविधा प्रबंधन
समाधि स्थल से यज्ञशाला करीब एक किलोमीटर है। श्रद्धालुओं के लिए दोनों स्थलों तक पहुंचने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भोजन और रहने की सुविधा है। महायज्ञ शुरू होने के बाद दूसरे दिन काफी संख्या में श्रद्घालु पहुंचे हैं। यज्ञशाला के आसपास विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं। बच्चों के झूले आदि का भी व्यवस्था है।
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18 दिसंबर से 26 दिसंबर तक चलने वाले गो गोपाल महायज्ञ के दौरान सोमवार को दूसरे दिन सबसे पहले सैन्य जवानों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रगान के साथ हुई। पुण्य वाचन, नांदी श्राद्ध और वरुण पूजा के बाद निकाली गई जल यात्रा में काफी संख्या में श्रद्घालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूजन के पश्चात गंगाधर महाराज के नेतृत्व में यज्ञशाला से सरोवर तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। वहीं, 108 कलशों के साथ यज्ञशाला में प्रवेश में साथ हवन यज्ञ का आगाज हो गया। जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर को श्री द्वारिका नाथ शास्त्री के जन्मोत्सव पर महान यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। पूर्णाहुति 26 को डाली जाएगी। साथ ही इसी पावन स्थल पर विशाल दंगल का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें प्रदेश सहित अन्य राज्यों और अन्यों देशों के पहलवान हिस्सा लेंगे।
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अपनी संस्कृति और हिंदू धर्म पर लोग करें गर्व: महाराज
लोगों से अपनी संस्कृति और हिंदू धर्म पर गर्व करें। एक-एक गाय का पालन करें और प्रतिदिन गो पूजन करें। यह अपील गंगाधर महाराज ने गो गोपाल महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं से की। वहीं, समाज के युवाओं और व्यक्तियों में अच्छे संस्कारों के साथ ही पर्यावरणीय वैश्विक समस्याओं को उजागर करते हुए यज्ञ के महत्व के बारे में बताया। देशभक्ति गीत के माध्यम से राष्ट्र प्रेम जगाने का प्रयास किया।
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यज्ञशाला में श्रद्धालुओं के लिए हर सुविधा प्रबंधन
समाधि स्थल से यज्ञशाला करीब एक किलोमीटर है। श्रद्धालुओं के लिए दोनों स्थलों तक पहुंचने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भोजन और रहने की सुविधा है। महायज्ञ शुरू होने के बाद दूसरे दिन काफी संख्या में श्रद्घालु पहुंचे हैं। यज्ञशाला के आसपास विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं। बच्चों के झूले आदि का भी व्यवस्था है।