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इस प्रदेश के राज्यपाल को मिल सकती है जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी, अमरनाथ यात्रा के बाद बदलाव तय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 14 Aug 2018 04:11 AM IST
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करीब एक दशक से रियासत में राज्यपाल पद का दायित्व निभा रहे एनएन वोहरा के उत्तराधिकारी की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है। इस पद की दौड़ में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव का नाम भी जुड़ गया है। कहा जा रहा है कि अमरनाथ यात्रा संपन्न होने के साथ ही नए राज्यपाल की नियुक्ति हो सकती है। गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आवश्यक कवायद पूरी की जा चुकी है।
विद्या सागर राव महाराष्ट्र के राज्यपाल पद पर साल 2014 से हैं और ऐसी संभावना जताई जा रही है कि उन्हें जम्मू कश्मीर का नया राज्यपाल बनाया जा सकता है। वे आरएसएस से लंबे अर्सें से जुड़े हैं और वे आरएसएस की पसंद बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि, केंद्रीय वार्ताकार के रूप में काम कर रहे दिनेश्वर शर्मा, ले. जनरल रिटायर्ड जीडी बख्शी, अता हसनैन और दीपेंद्र हुड्डा के नाम की भी चर्चा है।
रियासत में पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार गिरने के बाद से राज्यपाल शासन लागू है। ऐसे में राज्यपाल की राज्य में खास अहमियत को देखते हुए नए राज्यपाल को लेकर सियासी दलों के अलावा आम लोगों में भी चर्चा जोरशोर से चल रही है।
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विद्या सागर राव महाराष्ट्र के राज्यपाल पद पर साल 2014 से हैं और ऐसी संभावना जताई जा रही है कि उन्हें जम्मू कश्मीर का नया राज्यपाल बनाया जा सकता है। वे आरएसएस से लंबे अर्सें से जुड़े हैं और वे आरएसएस की पसंद बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि, केंद्रीय वार्ताकार के रूप में काम कर रहे दिनेश्वर शर्मा, ले. जनरल रिटायर्ड जीडी बख्शी, अता हसनैन और दीपेंद्र हुड्डा के नाम की भी चर्चा है।
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रियासत में पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार गिरने के बाद से राज्यपाल शासन लागू है। ऐसे में राज्यपाल की राज्य में खास अहमियत को देखते हुए नए राज्यपाल को लेकर सियासी दलों के अलावा आम लोगों में भी चर्चा जोरशोर से चल रही है।
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वोहरा-केंद्र के बीच अनुच्छेद 35-ए पर सुनवाई टालने के मुद्दे पर थे मतभेद
गवर्नर एनएन वोहरा
अनुच्छेद 35-ए के मुद्दे पर छह अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टालने के लिए राज्यपाल एनएन वोहरा और केंद्र सरकार के बीच गंभीर मतभेद उभरे थे। चर्चा थी कि वोहरा ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई थी। राज्य के हालात को देखते हुए राज्यपाल सुप्रीम कोर्ट में केस की सुनवाई टालने के लिए ज्ञापन (मेमो) दाखिल करना चाहते थे। वोहरा की आपत्ति के बाद दिल्ली में नए राज्यपाल को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई थी। इसी के बाद अमरनाथ यात्रा की समाप्ति पर नए राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई थी।