फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Lt Governor said: Establishment of peace in Kashmir is not only the responsibility of the security forces

उपराज्यपाल बोले: कश्मीर में शांति स्थापना केवल सुरक्षा बलों की नहीं, प्रत्येक हितधारक की जिम्मेदारी

Sun, 30 Oct 2022 03:52 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 30 Oct 2022 03:52 PM IST
सार

कश्मीर में बैक टू विलेज अभियान की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि निहित स्वार्थ वाले लोग जम्मू-कश्मीर में तेज गति से हो रहे विकास से बौखला गए हैं। प्रत्येक नागरिक और हितधारक के अलावा नागरिक प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि वह समाज के सभी वर्गों को विकास का फल मिले इसे सुनिश्चित करे।

विज्ञापन
Lt Governor said: Establishment of peace in Kashmir is not only the responsibility of the security forces
श्रीनगर में बैठक के दौरान एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : पीआरओ

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करना केवल सुरक्षा बलों व पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक एवं हितधारक की जिम्मेदारी है कि वह शांति स्थापना में अपनी भूमिका निभाए। श्रीनगर में उच्च स्तरीय बैठक में बैक टू विलेज अभियान के चौथे चरण की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यह बात कही।

विज्ञापन

विकास प्रक्रिया और शांति स्थापना में लोगों, जन प्रतिनिधियों और सरकारी विभागों की भूमिका को दर्शाते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि पुलिस व सुरक्षा बलों की ही शांति स्थापित करने की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक और हितधारक के अलावा नागरिक प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि वह समाज के सभी वर्गों को विकास का फल मिले इसे सुनिश्चित करे।

विज्ञापन

उन्होंने कहा, बैक टू विलेज अभियान से लोगों को मौका मिलता है कि वह समाज विरोधी तत्वों के नापाक इरादों को नाकाम कर सकें। उन्होंने कहा, लोग अब मोहल्लों व गलियों में खुलकर सामने आ रहे हैं और हिंसा व नफरत फैलाने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में तेजी से हो रहे विकास व बदलावों से निहित स्वार्थी तत्व बौखला गए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार घर तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का करेगी समाधान

सिन्हा ने बैक टू विलेज अभियान को जन भागीधारी और सतत विकास और जन जागरूकता का पर्व बताते हुए कहा कि प्रदेश के लोग विकास, खुशहाली और देश का बेहतर भविष्य चाहते हैं। बैक टू विलेज अभियान के चौथे चरण में 4500 गजटेड अधिकारियों समेत 25 हजार से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों की पंचायत स्तर पर तैनाती की गई है।

अभियान का मूल उद्देश्य है कि सरकार लोगों के घर पर पहुंचकर जन समस्याओं का हल करें और जन कल्याणकारी योजनाओं की लोगों को जानकारी दें ताकि लोग योजनाओं का पूरा लाभ उठा पाए। उपराज्यपाल ने जिला उपायुक्तों व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैक टू विलेज अभियान में तय निर्देशावली पर अमलीजामा पहनाया जाए।

  • इसे सुनिश्चित करें। लोक कल्याण की भावना के साथ बैक टू विलेज कार्यक्रम को चलाया जा रहा है। प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वह आम लोगों के हितों का ख्याल रखे और उन्हें खुशहाल बनने में मदद करे। अभियान में पंचायत स्तर पर तैनात किए गए अधिकारी लोगों व पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों से संवाद कायम रखें और उनकी समस्याओं का हल करे।

ऑनलाइन जुआ, साइबर अपराध और सुरक्षा की चुनौतियों पर युवाओं को जागरूक करें

सिन्हा ने कहा युवा, कौशल विकास, स्वरोजगार, पंचायती राज संस्थानों को मजबूत करना, नशा मुक्त पंचायत, सौ फीसदी कल्याणकारी योजनाओं पर कार्यान्वयन को केंद्र में रखकर अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए युवाओं की पहचान की जाए और निजी व सरकारी बैंकों से उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाए।

  • उन्होंने सूचना तकनीक विभाग को ऑनलाइन जुआ, साइबर अपराध और सुरक्षा की चुनौतियों पर युवाओं को जागरूक करने के निर्देश भी जारी किए। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर में मवेशियों में लंपी बीमारी की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी ली और ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण गतिविधियों में तेज गति से आगे बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

65 हजार को स्वरोजगार, एक लाख को कौशल प्रशिक्षण

सूचना विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने इस अवसर पर बताया कि बैक टू विलेज अभियान में उम्मीद है कि 15 से 18 लाख लोग हिस्सेदार बनेंगे। विभिन्न सेवाओं के दो लाख सर्टिफिकेट अभियान के दौरान वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। एक लाख आयुष्मान गोल्डन कार्ड और दस लाख भूमि पासबुक वितरित की जाएगी।

  • प्रत्येक पंचायत से 15 युवाओं को स्वरोजगार के लिए सहायता दी जाएगी। इस आधार पर 60 से 65 हजार युवा लाभान्वित होंगे। एक लाख युवाओं को स्किल प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है। इस अवसर पर मुख्य सचिव अरुण मेहता, अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू, मंडलायुक्त कश्मीर पांडुरंग के पोले, जिला उपायुक्त व विभागों के विभागाध्यक्ष व अन्य संबंधित अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed