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लोकसभा चुनाव: जम्मू कश्मीर में सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के दीमक कर रहे खोखला, 10 साल में कई घोटाले

Fri, 05 Apr 2024 03:38 PM IST
kumar गुलशन कुमार अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Fri, 05 Apr 2024 03:38 PM IST
सार

अगर अतीत में झांकें तो सरकारी खजाने को अफसरों से लेकर नेताओं तक ने खूब खाया है। सरकारी खजाने में सेंध ने ही हजारों करोड़ रुपये के घोटालों को जन्म दिया। 

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Lok Sabha Election : Termites of corruption hollowing the government system in Jammu Kashmir
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock

विस्तार

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार दीमक से लोग दुखी हैं। भ्रष्टाचार राजनीतिक मुद्दा तो बनता है लेकिन रुकता नहीं। जनता खासकर युवा इसकी सबसे ज्यादा चपेट में हैं। 

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बीते 10 साल में हुई कई घोटालों ने तो युवाओं के करियर तक को खत्म कर दिया। सब इंस्पेक्टर भर्ती और जेई भर्ती उनमें से मुख्य है। प्रदेश का युवा रोजगार को लेकर परेशान है और लगातार अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। लोकसभा चुनाव के इस दौर में कई मंचों से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज तो उठ रही है लेकिन यह कितना बड़ा आंदोलन बन पाएगी यह तो भविष्य के गर्भ में हैं।
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अगर अतीत में झांकें तो सरकारी खजाने को अफसरों से लेकर नेताओं तक ने खूब खाया है। सरकारी खजाने में सेंध ने ही हजारों करोड़ रुपये के घोटालों को जन्म दिया। 
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रोशनी स्कीम घोटाला, जम्मू-कश्मीर बैंक में 3 हजार करोड़ रुपये का घोटाला, चार लाख फर्जी गन लाइसेंस बांटने का घोटाला, पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाला, जेई सिविल, फॉरेस्ट सर्विस विभाग में भर्ती सहित कई घोटाले हुए। कुल मिलाकर जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार के मामले में बिहार के बाद शायद सबसे अधिक भ्रष्ट बन गया है।

इस बीच अब राहत की बात यह है कि सीबीआई, ईडी जैसी राष्ट्रीय जांच एजेंसियां कड़ी कार्रवाई कर रही हैं। तमाम घोटालों का पर्दाफाश सीबीआई ने किया है। यही कारण है कि बीते तीन साल में सीबीआई ने घोटालों और अन्य भ्रष्टाचार से संबंधित 40 से अधिक मामले दर्ज किए। 2019 से पहले बीते 70 वर्ष में ऐसे केवल चार मामले दर्ज नहीं हुए। आने वाले वर्षों में भी सीबीआई के सामने इससे निपटने की चुनौती बनी रहेगी।

कुछ चर्चित घोटाले जो लोगों की जुबान पर हैं...

रोशनी घोटाला

सीबीआई ने इस घोटाले में 11 एफआईआर दर्ज की हैं। इन एफआईआर में पूर्व मंत्री लाल सिंह की पत्नी, पूर्व मंत्री अब्दुल गनी कोहली, पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला जैसे बड़े लोगों के नाम शामिल हैं। करीब 25 लाख कनाल जमीन पर 25 हजार करोड़ रुपये का यह घोटाला है।

गन लाइसेंस घोटाला

आईएएस अफसर राजीव रंजन, शहर के बड़े गन डीलरों और अन्य अफसरों ने मिलकर चार लाख फर्जी गन लाइसेंस बांटे। इस मामले की जांच सीबीआई के बाद अब ईडी कर रही है। ईडी ने राजीव रंजन की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की है।

जेएंडके बैंक घोटाला

पूर्व की सरकारों के संरक्षण में पूर्व मंत्री अब्दुल रहीम राथर के बेटे बिलाल राथर ने 700 करोड़ रुपये जेके बैंक से लिए जो वापस नहीं किए। इसकी जांच सीबीआई ने की और राथर का बेटा गिरफ्तार हुआ। जेेके बैंक के अफसरों की मिलीभगत से 1100 करोड़ रुपये का चावल निर्यात घोटाला भी हुआ। इसकी जांच सीबीआई ने की। बैंक के ही पूर्व चेयरमैन मुश्ताक अहमद ने 800 करोड़ रुपये का घोटाला किया।

भर्ती घोटाला

जम्मू-कश्मीर में 1300 सब इंस्पेक्टरों, 700 जेई सिविल भर्ती घोटाला भी हुआ। इसका पर्दाफाश सीबीआई ने किया।

सरकारी मुलाजिम हैं कि रिश्वत लेने से बाज नहीं आते

जम्मू-कश्मीर में सरकारी मुलाजिमों के रिश्वत लेने के मामले कम नहीं। भ्रष्ट अफसरों और कर्मियों ने भी जमकर पैसा बनाया है। वर्ष 2021 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने 102 मामले भ्रष्टाचार से संबंधित दर्ज किए। वहीं 2022 में 128 मामले दर्ज किए गए। 2023 में 62 मामले दर्ज किए गए। इस वर्ष अब तक 3 महीनों में 17 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। बता दें कि 2021 से लेकर अब तक दर्ज मामलों में 70 फीसदी मामले कश्मीर के हैं। मतलब साफ है कि कश्मीर में भ्रष्टाचार चरम पर है। इस पर अंकुश लगाना एक बड़ा मुद्दा है।

अब सरकार के आदेश का इंतजार नहीं

सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले किसी मामले में सीबीआई सीधे तौर पर कार्रवाई नहीं करती थी। इसके लिए सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी। अब सीबीआई सीधे तौर पर कार्रवाई कर सकती है। किसी भी जगह कोई रिश्वत लेता है तो सीबीआई के पास 9906040999 नंबर पर शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा 01912477755 नंबर पर भी फोन कर जानकारी दे सकते हैं। कोई भी सरकारी कर्मी रिश्वत मांगे तो इन नंबरों पर शिकायत की जा सकती है।

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