{"_id":"61e46a90d9ff185543681743","slug":"lockdown-jammu-city-news-jmu252027126","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू में पाबंदियो का दिखा खासा असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू में पाबंदियो का दिखा खासा असर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। जम्मू शहर में रविवार को कोरोना सप्ताहांत पाबंदियों का खासा असर दिखाई दिया। जरूरी पदार्थों की दुकानों को छोड़ अन्य सभी गैर जरूरी सामान की दुकाने बंद रहीं। पाबंदियों को अमलीजामा पहनाने के लिए पुलिस व अन्य एजेंसियां रविवार को सक्रिय रहीं।
शहर के व्यस्तम बाजारों में रघुनाथ बाजार, अप्सरा रोड गांधीनगर, नई बस्ती और शास्त्री नगर आदि में सुबह से ही दुकाने बंद रहीं। इसमें कपड़ों और जूतों के अलावा इलेक्ट्रानिक सामान की दुकानें शामिल रहीं, जिस वजह से बाजारों में सन्नाटा रहा। हालांकि सब्जी, दूध, किराना, फल, दवाइयों की दुकानें पहले की तरह खुली रहीं।
रविवार की पाबंदियों के बारे में लोगों को जानकारी होने की वजह से लोग भी बाजारो में काफी कम दिखाई दिए। गांधीनगर के दुकानदार राजीव गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण का प्रकोप काफी बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन की निर्देशावली पर अमलीजामा पहनाने में नागरिको को भी सहयोग करना होगा तभी महामारी की तीसरी लहर का सामना किया जा सकता है।
विज्ञापन
नई बस्ती में सब्जी खरीदने आई महिला सुनीता शर्मा ने बताया कि वह पूरे सप्ताह के लिए सब्जी खरीदने आई हैं, ताकि बार-बार बाजार नहीं आना पड़े। सभी परिवारो को ऐसा ही करना चाहिए। जितनी कम भीड़ बाजारों में होगी उतनी जल्दी महामारी के प्रकोप से मुक्त हो पाएंगे।
बेवजह आने वाले लोगों को वापस भेजा
साप्ताहिक पाबंदियों का दूसरे दिन प्रशासन और पुलिस ने सख्ती से पालन करवाया गया। सुबह से ही मुख्य चौराहो महेेशपुरा चौक, ज्यूल चौक, गांधी नगर, शास्त्री नगर, बाहु प्लाजा और नरवाल आदि स्थानों से रौनक गायब रही। वाहनों की आवाजाही भी अन्य दिनों के मुकाबले कम रही। सुबह बेवजह बिना बाजारों का रुख करने वाले लोगों को पूछताछ के बाद लौटाया गया। मोबाइल वैन के माध्यम से भी जगह-जगह जांच की गई है। लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई। हालांकि जरूरत का सामान खरीदने लोग दुकानों में आतेे रहे। बिना मास्क आने वाले लोगों को दुकानदारों की ओर से भी मास्क पहनने की सलाह दी गई।
दिहाड़ीदार रहे दिनभर हुए मायूस
बाजार बंद होने के कारण दिहाड़ीधार काफी मायूस रहे है। फेरी लगाने वालों ने मोहल्लों में दस्तक दी, मगर उन्हें भी घर भेजा गया है। बाजारों और मोहल्लों में पुलिस मोबाइल वैन घूमती रहीं। बिना कारण आने वाले लोगों का घर भेजा गया। भीड़ न लगाने के लिए कहा गया। दोपहर 11 बजे के बाद मोहल्लों में रास्ते और सड़कें सुनसान पड़ गईं। शाम को जरूरी काम निपटाने के बाद ही गलियों में दिखाई दिए।
विज्ञापन
शहर के व्यस्तम बाजारों में रघुनाथ बाजार, अप्सरा रोड गांधीनगर, नई बस्ती और शास्त्री नगर आदि में सुबह से ही दुकाने बंद रहीं। इसमें कपड़ों और जूतों के अलावा इलेक्ट्रानिक सामान की दुकानें शामिल रहीं, जिस वजह से बाजारों में सन्नाटा रहा। हालांकि सब्जी, दूध, किराना, फल, दवाइयों की दुकानें पहले की तरह खुली रहीं।
विज्ञापन
रविवार की पाबंदियों के बारे में लोगों को जानकारी होने की वजह से लोग भी बाजारो में काफी कम दिखाई दिए। गांधीनगर के दुकानदार राजीव गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण का प्रकोप काफी बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन की निर्देशावली पर अमलीजामा पहनाने में नागरिको को भी सहयोग करना होगा तभी महामारी की तीसरी लहर का सामना किया जा सकता है।
विज्ञापन
नई बस्ती में सब्जी खरीदने आई महिला सुनीता शर्मा ने बताया कि वह पूरे सप्ताह के लिए सब्जी खरीदने आई हैं, ताकि बार-बार बाजार नहीं आना पड़े। सभी परिवारो को ऐसा ही करना चाहिए। जितनी कम भीड़ बाजारों में होगी उतनी जल्दी महामारी के प्रकोप से मुक्त हो पाएंगे।
बेवजह आने वाले लोगों को वापस भेजा
साप्ताहिक पाबंदियों का दूसरे दिन प्रशासन और पुलिस ने सख्ती से पालन करवाया गया। सुबह से ही मुख्य चौराहो महेेशपुरा चौक, ज्यूल चौक, गांधी नगर, शास्त्री नगर, बाहु प्लाजा और नरवाल आदि स्थानों से रौनक गायब रही। वाहनों की आवाजाही भी अन्य दिनों के मुकाबले कम रही। सुबह बेवजह बिना बाजारों का रुख करने वाले लोगों को पूछताछ के बाद लौटाया गया। मोबाइल वैन के माध्यम से भी जगह-जगह जांच की गई है। लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई। हालांकि जरूरत का सामान खरीदने लोग दुकानों में आतेे रहे। बिना मास्क आने वाले लोगों को दुकानदारों की ओर से भी मास्क पहनने की सलाह दी गई।
दिहाड़ीदार रहे दिनभर हुए मायूस
बाजार बंद होने के कारण दिहाड़ीधार काफी मायूस रहे है। फेरी लगाने वालों ने मोहल्लों में दस्तक दी, मगर उन्हें भी घर भेजा गया है। बाजारों और मोहल्लों में पुलिस मोबाइल वैन घूमती रहीं। बिना कारण आने वाले लोगों का घर भेजा गया। भीड़ न लगाने के लिए कहा गया। दोपहर 11 बजे के बाद मोहल्लों में रास्ते और सड़कें सुनसान पड़ गईं। शाम को जरूरी काम निपटाने के बाद ही गलियों में दिखाई दिए।