{"_id":"68795e96045c371d6c052c98","slug":"livelihood-planning-committees-jammu-news-c-10-jam1003-663760-2025-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: शहरी गरीबों की मदद के लिए बनीं आजीविका योजना समितियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: शहरी गरीबों की मदद के लिए बनीं आजीविका योजना समितियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय समिति
- हर जिले और शहर में बनेंगी निगरानी और क्रियान्वयन समितियां
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहरी गरीबों को रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी) लागू करने को लेकर कई स्तरों पर समितियां बनाई हैं। इसके तहत प्रदेश स्तर पर एक उच्च स्तरीय समिति, हर जिले में जिला स्तरीय समिति, जम्मू और श्रीनगर के लिए नगर स्तरीय समिति और सभी नगरपालिकाओं के लिए अलग से कार्यकारी समितियां गठित की गई हैं।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय समिति साल में एक बार बैठक करेगी और मिशन की दिशा तय करेगी। इस समिति में वित्त, समाज कल्याण, श्रम, स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और शहरी विकास जैसे विभागों के सचिव शामिल किए गए हैं। हर जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में बनी समिति मिशन के कामों की निगरानी करेगी और जरूरत के मुताबिक केंद्र सरकार और नगर निकायों से समन्वय बनाएगी। नगर निगम और नगर परिषदों की समितियां शहरी गरीबों की पहचान, प्रशिक्षण, रोजगार से जोड़ने और ऋण सुविधा जैसी जिम्मेदारियों को निभाएंगी।
विज्ञापन
- हर जिले और शहर में बनेंगी निगरानी और क्रियान्वयन समितियां
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहरी गरीबों को रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी) लागू करने को लेकर कई स्तरों पर समितियां बनाई हैं। इसके तहत प्रदेश स्तर पर एक उच्च स्तरीय समिति, हर जिले में जिला स्तरीय समिति, जम्मू और श्रीनगर के लिए नगर स्तरीय समिति और सभी नगरपालिकाओं के लिए अलग से कार्यकारी समितियां गठित की गई हैं।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय समिति साल में एक बार बैठक करेगी और मिशन की दिशा तय करेगी। इस समिति में वित्त, समाज कल्याण, श्रम, स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और शहरी विकास जैसे विभागों के सचिव शामिल किए गए हैं। हर जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में बनी समिति मिशन के कामों की निगरानी करेगी और जरूरत के मुताबिक केंद्र सरकार और नगर निकायों से समन्वय बनाएगी। नगर निगम और नगर परिषदों की समितियां शहरी गरीबों की पहचान, प्रशिक्षण, रोजगार से जोड़ने और ऋण सुविधा जैसी जिम्मेदारियों को निभाएंगी।
विज्ञापन