{"_id":"649bfd03f65792f3d701d595","slug":"lg-manoj-sinha-handed-over-appointment-letter-to-wife-of-circus-worker-deepu-killed-in-anantnag-2023-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू कश्मीर: आतंकी हमले में मारे गए दीपू की पत्नी को मिली नौकरी, उपराज्यपाल ने सौंपा नियुक्ति पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू कश्मीर: आतंकी हमले में मारे गए दीपू की पत्नी को मिली नौकरी, उपराज्यपाल ने सौंपा नियुक्ति पत्र
Wed, 28 Jun 2023 02:58 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 28 Jun 2023 02:58 PM IST
सार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को सर्कस कर्मी दीपू कुमार की पत्नी को नियुक्ति पत्र सौंपा। करीब एक माह पहले अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने गोली मारकर दीपू की हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
LG Manoj Sinha
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को सर्कस कर्मी दीपू कुमार की पत्नी को नियुक्ति पत्र सौंपा। करीब एक माह पहले अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने गोली मारकर दीपू की हत्या कर दी थी। उपराज्यपाल ने उधमपुर जिले के एक दूरदराज के गांव में बेहद गरीबी में रह रहे पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी।
विज्ञापन
दक्षिण कश्मीर जिले के जंगलात मंडी इलाके में एक सर्कस में काम करने वाले 27 वर्षीय दीपू की 29 मई को उस समय हत्या कर दी गई जब वह दूध खरीदने के लिए बाहर गया था।
विज्ञापन
16 जून को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि हत्या के सिलसिले में अनंतनाग से पांच जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, "उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज राजभवन में शहीद नागरिक दीपू कुमार की पत्नी साक्षी देवी को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा।"
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने दुखी परिवार के सदस्यों को हर संभव सहायता और समर्थन का आश्वासन दिया। अपने पति की हत्या के एक हफ्ते बाद साक्षी ने उधमपुर के सुदूर थियाल गांव में एक बच्चे को जन्म दिया। दीपू अपने बीमार पिता और नेत्रहीन भाई राजू, भाभी और उनके दो नाबालिग बच्चों वाले परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
परिवार एक दशक पहले कठुआ से सुदूर गांव में आ गया था। कुमार की मां का कुछ समय पहले निधन हो गया था। उनके बड़े भाई राजू की लगभग चार साल पहले आंखों की रोशनी चली गई थी, जबकि उनके पिता सुनने की दिक्कत से पीड़ित हैं।