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जम्मू-कश्मीर में देश के कल्याण और आयुर्वेद केंद्र के रूप में नेतृत्व की क्षमता: उप राज्यपाल
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अखनूर। जम्मू-कश्मीर में देश के कल्याण और आयुर्वेद केंद्र के रूप में नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समग्र कल्याण के लिए योग और आयुर्वेद का प्राचीन ज्ञान मानवता को लाभान्वित कर रहा है। ये बातें शुक्रवार को 8वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल अखनूर में भगवान धन्वंतरि प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कहीं।
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे एलजी ने लोगों को इस शुभ अवसर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, इस वर्ष आयुर्वेद दिवस का विषय एक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद और वसुधैव कुटुंबकम के अनुरूप है। आम नागरिकों के स्वस्थ जीवन के लिए योग, आयुर्वेद और चिकित्सा की अन्य भारतीय प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। कहा कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली की सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने, अधिक लचीला व टिकाऊ स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए छात्रों, किसानों व नागरिकों को आयुर्वेद के बारे में जागरूक करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
आयुर्वेद स्टार्टअप के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करेगी सरकार
एलजी ने निवारक, समग्र देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, अनुकूल वातावरण और आयुर्वेद स्टार्टअप को जरूरी सहायता प्रदान करने के लिए यूटी प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। कहा, युवा उद्यमियों और आयुर्वेद स्नातकों द्वारा स्टार्टअप की मदद से आयुर्वेद के लक्ष्य की दिशा में प्रयासों को बढ़ाया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर औषधीय और सुगंधित पौधों की एक विस्तृत शृंखला से संपन्न है, जो मूल्यवान वस्तुएं हैं। उन्होंने कहा, किसानों को जड़ी-बूटियों व औषधीय पौधों की क्षमता के बारे में जागरूक करने के लिए निरंतर अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि नई हरित क्रांति का फल मिल सके।
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आयुर्वेदिक कॉलेज अखनूर में पीजी
पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश
उप राज्यपाल ने सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक सहायता प्रदान का आश्वासन दिया। साथ ही कॉलेज प्रशासन को पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। प्रिंसिपल जीएमसी जम्मू डॉ. आशुतोष गुप्ता, आयुष निदेशक डॉ. मोहन सिंह ने जम्मू-कश्मीर में आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने के प्रयासों पर विचार रखे। डॉ. सिंह ने एलजी से आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज अखनूर की सीटें 60 से बढ़ाकर 100 करने की मांग की। कार्यक्रम में डीडीसी अध्यक्ष जम्मू भारत भूषण, सलाहकार राजीव राय भटनागर, मंडलायुक्त रमेश कुमार, आईजी आनंद जैन, डीसी सचिन कुमार वैश्य भी मौजूद रहे।
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समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे एलजी ने लोगों को इस शुभ अवसर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, इस वर्ष आयुर्वेद दिवस का विषय एक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद और वसुधैव कुटुंबकम के अनुरूप है। आम नागरिकों के स्वस्थ जीवन के लिए योग, आयुर्वेद और चिकित्सा की अन्य भारतीय प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। कहा कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली की सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने, अधिक लचीला व टिकाऊ स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए छात्रों, किसानों व नागरिकों को आयुर्वेद के बारे में जागरूक करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
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आयुर्वेद स्टार्टअप के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करेगी सरकार
एलजी ने निवारक, समग्र देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, अनुकूल वातावरण और आयुर्वेद स्टार्टअप को जरूरी सहायता प्रदान करने के लिए यूटी प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। कहा, युवा उद्यमियों और आयुर्वेद स्नातकों द्वारा स्टार्टअप की मदद से आयुर्वेद के लक्ष्य की दिशा में प्रयासों को बढ़ाया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर औषधीय और सुगंधित पौधों की एक विस्तृत शृंखला से संपन्न है, जो मूल्यवान वस्तुएं हैं। उन्होंने कहा, किसानों को जड़ी-बूटियों व औषधीय पौधों की क्षमता के बारे में जागरूक करने के लिए निरंतर अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि नई हरित क्रांति का फल मिल सके।
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आयुर्वेदिक कॉलेज अखनूर में पीजी
पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश
उप राज्यपाल ने सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक सहायता प्रदान का आश्वासन दिया। साथ ही कॉलेज प्रशासन को पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। प्रिंसिपल जीएमसी जम्मू डॉ. आशुतोष गुप्ता, आयुष निदेशक डॉ. मोहन सिंह ने जम्मू-कश्मीर में आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने के प्रयासों पर विचार रखे। डॉ. सिंह ने एलजी से आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज अखनूर की सीटें 60 से बढ़ाकर 100 करने की मांग की। कार्यक्रम में डीडीसी अध्यक्ष जम्मू भारत भूषण, सलाहकार राजीव राय भटनागर, मंडलायुक्त रमेश कुमार, आईजी आनंद जैन, डीसी सचिन कुमार वैश्य भी मौजूद रहे।