कम ठंड पड़ने से मौसम विशेषज्ञ चिंतित
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कश्मीर घाटी में चिल्ले कलां (कड़ाके की ठंड के 40 दिन) का दौर है। लेकिन, मौसम साफ है। अच्छी धूप खिल रही। अप्रैल माह के माफिक। इससे ठंड से राहत तो मिली है, लेकिन मौसम विभाग के लिए यह चिंता का विषय है। विशेषज्ञ इस बदलाव को लेकर चिंतित हैं।
अधिकतम तापमान भी 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा। श्रीनगर के पिछले कुछ दिनों के तापमान पर नजर डालें, तो अधिकतम तापमान 10 से 13 डिग्री सेल्सियस तक गया, जो सामान्य से पांच से छह डिग्री सेल्सियस ऊपर रहा।
न्यूनतम माइनस तीन से माइनस 4.4 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया है। दिन के तापमान में अचानक ऐसे बदलाव से विशेषज्ञ चिंतित हैं। उनके अनुसार यह सब असामान्य है।
गर्मी में हो सकती है पानी की किल्लत
कश्मीर विश्वविद्यालय के भूविज्ञान के हेड शकील रोमशू का कहना है कि यह बदलाव चिंताजनक है। हमारे यहां ग्लेशियर हैं, जो गर्मियों में खेतीबाड़ी या पीने के पानी के लिए स्रोत बनते हैं।
तापमान में बढ़ोतरी से ग्लेशियर बनने की प्रक्रिया में रोक लग सकती है। इससे गर्मी में पानी की किल्लत हो सकती है। मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस के अनुसार 56 मिलीमीटर बारिश/बर्फबारी के बजाए अभी तक केवल 19 मिलीमीटर ही हुई है।
उच्च पर्वतीय इलाकों में भी बर्फबारी कम हुई है। लोटस के अनुसार इस बार जनवरी का महीना खुश्क ही रहेगा। फरवरी में बर्फबारी की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन सुनिश्चित है। लेकिन, सब कुछ इसी कारण हो रहा है, यह नहीं कह सकते।