अब्दुल की मुर्गी गई जान से तो सरकार में मच गई हलचल
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अब्दुल की मुर्गी जान से तो गई पर पूरे निजाम में हलचल मचा दी। हुआ यूं कि डोडा जिले की भगवा तहसील के पतनाड़ गांव के वाशिंदे अब्दुल रशीद की मुर्गी को तेंदुआ खा गया। अब्दुल ने 22 अप्रैल को डीसी डोडा से लिखित गुजारिश कर अपनी पालतू मुर्गी का मुआवजा मांगा।
उसने अपनी फरियाद में लिखा कि मेरे पास एक देसी मुर्गी थी। जंगली तेंदुए ने उसकी जान ले ली। मेरे परिवार में पांच लोग हैं। सब मुर्गी पर निर्भर थे।
मुर्गी रोज कर एक अंडा देती थी। इससे उनको रोज आठ रुपये की कमाई होती थी। मुर्गी के मरने से परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया है। जिला उपायुक्त ने भी कोई देरी न करते हुए सहायक राजस्व आयुक्त को इस मामले की जांच करने के लिए कहा। सहायक आयुक्त ने तहसीलदार को बोला और तहसीलदार ने नायब तहसीलदार को।
एक मुर्गी पालती थी पांच लोगों का परिवार
नायब तहसीलदार ने नियाबत के चेयरमैन के साथ मिलकर पुलिस को जानकारी दी। पूछा गया कि तेंदुए ने किस तरह से मुर्गी को मारा। जांच के बाद नायब तहसीलदार ने जिला उपायुक्त को रिपोर्ट दी।
इसमें बताया कि अब्दुल रशीद की देसी मुर्गी की कीमत 1200 रुपये थी। रोज का एक अंडा देती थी। यदि अगले दो-तीन साल तक मुर्गी जिंदा रहती तो उसके हिसाब से अब्दुल को मुआवजा मिलना चाहिए।
डोडा के राहत राजस्व आयुक्त वैभव कोहली ने कहा कि इसमें जो भी मुआवजा बनेगा, वो मुर्गी के मालिक को दिया जाएगा। संभव है कि अगले दो तीन दिन तक मुर्गी का मुआवजा भी जारी कर दिया जाए। यह पहला मौका होगा जब एक मुर्गी के मरने का मामला हाई प्रोफाइल बना हो।