{"_id":"62225e1502b6615c0601d6eb","slug":"leopard-and-bear-fear-reasi-news-jmu2550625115","type":"story","status":"publish","title_hn":"भागा व कारूआ गांव में तेंदुए का आतंक, खौफ में ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भागा व कारूआ गांव में तेंदुए का आतंक, खौफ में ग्रामीण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासी। जिला मुख्यालय से 15 से 20 किलोमीटर के क्षेत्र में स्थित ग्रामीण क्षेत्र भागा तथा कारूआ में कई दिनों से तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। जिसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
10 दिनों में तेंदुआ गांव के कुछ कुत्तों व बकरियों को शिकार बना चुका है। अंधेरा होते ही ग्रामीणों में तेंदुए का खौफ हो जाता है। लोग पालतू मवेशियों को बाहर निकालना बंद कर देते हैं। भागा निवासी अजय शर्मा के अनुसार बुधवार रात को उन्होंने अपने कुत्ते को खोलकर खेतों में छोड़ दिया। कुछ देर तक उसकी भौंकने की आवाजें आती रहीं। रात को उसकी आवाज नहीं सुनाई दी। देर हो जाने पर उन्होंने सोचा कि कुत्ता कुछ दूरी पर चला गया होगा। सुबह कुत्ते के न मिलने पर उसकी तलाश की तो उसका शव मिला।
भागा के ही रहने वाले मुनीष बराल ने बताया कि 10 दिन पहले उसके कुत्ते को तेंदुआ उठा ले गया। बाद में उसका शव बरामद हुआ। कारूआ के सक्षम ने बताया कि कुछ दिन पहले उसको शाम सात बजे कुत्ते के भौंकने की आवाज आई। बाहर आकर देखा तो नीचे खेतों में कुत्ता व तेंदुआ आपस में भिड़े हुए थे। जिसके बाद उन्होंने घर के बरामदे में पड़ी ईंटों को मारना शुरू किया। तब तेंदुआ नाले की तरफ चला गया। लेकिन, कुत्ते को काफी चोर्टें आइं। कारूआ से एक बकरी को भी तेंदुआ उठा कर ले गया है। ग्रामीणों ने वन्य जीव विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि तेंदुए को पकड़ने के उचित उपाय करें, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
10 दिनों में तेंदुआ गांव के कुछ कुत्तों व बकरियों को शिकार बना चुका है। अंधेरा होते ही ग्रामीणों में तेंदुए का खौफ हो जाता है। लोग पालतू मवेशियों को बाहर निकालना बंद कर देते हैं। भागा निवासी अजय शर्मा के अनुसार बुधवार रात को उन्होंने अपने कुत्ते को खोलकर खेतों में छोड़ दिया। कुछ देर तक उसकी भौंकने की आवाजें आती रहीं। रात को उसकी आवाज नहीं सुनाई दी। देर हो जाने पर उन्होंने सोचा कि कुत्ता कुछ दूरी पर चला गया होगा। सुबह कुत्ते के न मिलने पर उसकी तलाश की तो उसका शव मिला।
विज्ञापन
भागा के ही रहने वाले मुनीष बराल ने बताया कि 10 दिन पहले उसके कुत्ते को तेंदुआ उठा ले गया। बाद में उसका शव बरामद हुआ। कारूआ के सक्षम ने बताया कि कुछ दिन पहले उसको शाम सात बजे कुत्ते के भौंकने की आवाज आई। बाहर आकर देखा तो नीचे खेतों में कुत्ता व तेंदुआ आपस में भिड़े हुए थे। जिसके बाद उन्होंने घर के बरामदे में पड़ी ईंटों को मारना शुरू किया। तब तेंदुआ नाले की तरफ चला गया। लेकिन, कुत्ते को काफी चोर्टें आइं। कारूआ से एक बकरी को भी तेंदुआ उठा कर ले गया है। ग्रामीणों ने वन्य जीव विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि तेंदुए को पकड़ने के उचित उपाय करें, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
विज्ञापन