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लद्दाख की विरासत के संरक्षण को गंभीरता से लिया जाए : रोड्रिग्स
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सचिव संजीत रोड्रिग्स ने सासपोल हेरिटेज गुफाओं और मुलबेक चंबा हेरिटेज स्थल की समीक्षा की। स्रोत
- फोटो : kishatwar news
- पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रशासनिक सचिव ने ससपोल हेरिटेज गुफाओं और मुलबेक चंबा हेरिटेज स्थल लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रशासनिक सचिव संजीत रोड्रिग्स ने शनिवार को ससपोल हेरिटेज गुफाओं और मुलबेक चंबा हेरिटेज स्थलों का दौरा किया। इस दौरान सचिव ने कहा कि लद्दाख की विरासत के संरक्षण को गंभीरता से लिया जाए। बिना किसी देरी के काम शुरू होना चाहिए।
उन्होंने इस काम को विशेषज्ञों पर छोड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि हितधारकों के साथ उचित संवाद की कमी और अनुचित हस्तक्षेप के कारण ऐसी पहल पीछे छूट गई हैं। बहुत कुछ बीत जाएगा लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ये विरासत स्थल अगले 500 वर्षों तक संरक्षित रहें। स्थानीय प्रतिनिधियों ने चंबा प्रतिमा के पास श्रद्धालुओं के लिए पैदल मार्ग और एक संग्रहालय बनाने की मांग भी रखी।
रोड्रिग्स ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और संबंधित एजेंसियों को इन प्रस्तावों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी वास्तविक स्थानीय मांगों का आवश्यकतानुसार समाधान किया जाएगा। उन्होंने पीडीडी विभाग को बाधा डालने वाले बिजली के खंभों को हटाने और स्थल की प्रामाणिकता और सांस्कृतिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए रोशनी को उन्नत करने के निर्देश दिए। आर्कोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के साथ स्थल की आगे की समीक्षा सोमवार 17 नवंबर को निर्धारित की गई है।
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ससपोल हेरिटेज गुफा स्थल के अपने दौरे के दौरान रोड्रिक्स ने प्राचीन स्मारक और संरक्षण अधिनियम के तहत इस क्षेत्र को एक विरासत संरक्षित क्षेत्र के रूप में अधिसूचित करने की प्रक्रिया शुरू की। यह ध्यान दिया गया कि गुफा संरक्षण उपायों को उचित तकनीकी विधियों का उपयोग करके और स्थापित विरासत मानदंडों के अनुरूप किए जाने की आवश्यकता है। ऐसी तकनीकें और क्षमताएं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के माध्यम से संभव होंगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। एएसआई के संरक्षण विशेषज्ञों का एक दौरा पहले ही निर्धारित किया जा चुका है। उन्होंने लद्दाख के अजंता और एलोरा के संरक्षण के लिए स्थानीय ग्राम प्रधानों से सहयोग का अनुरोध किया है।
ग्राम प्रतिनिधि ने मठ के लिए एक पहुंच मार्ग और गुफाओं की ओर जाने के लिए सड़क बनाने की मांग की। सचिव ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अगले वित्तीय वर्ष में सुरक्षात्मक दीवार और रेलिंग निर्माण सहित स्थल की सुरक्षा और विकास के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने राजस्व विभाग को विरासत स्थल अधिसूचना के लिए आवश्यक भूमि अभिलेख तैयार करके अभिलेखागार एवं पुरातत्व विभाग को प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
सचिव रोड्रिग्स ने लद्दाख की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रशासनिक सचिव संजीत रोड्रिग्स ने शनिवार को ससपोल हेरिटेज गुफाओं और मुलबेक चंबा हेरिटेज स्थलों का दौरा किया। इस दौरान सचिव ने कहा कि लद्दाख की विरासत के संरक्षण को गंभीरता से लिया जाए। बिना किसी देरी के काम शुरू होना चाहिए।
उन्होंने इस काम को विशेषज्ञों पर छोड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि हितधारकों के साथ उचित संवाद की कमी और अनुचित हस्तक्षेप के कारण ऐसी पहल पीछे छूट गई हैं। बहुत कुछ बीत जाएगा लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ये विरासत स्थल अगले 500 वर्षों तक संरक्षित रहें। स्थानीय प्रतिनिधियों ने चंबा प्रतिमा के पास श्रद्धालुओं के लिए पैदल मार्ग और एक संग्रहालय बनाने की मांग भी रखी।
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रोड्रिग्स ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और संबंधित एजेंसियों को इन प्रस्तावों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी वास्तविक स्थानीय मांगों का आवश्यकतानुसार समाधान किया जाएगा। उन्होंने पीडीडी विभाग को बाधा डालने वाले बिजली के खंभों को हटाने और स्थल की प्रामाणिकता और सांस्कृतिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए रोशनी को उन्नत करने के निर्देश दिए। आर्कोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के साथ स्थल की आगे की समीक्षा सोमवार 17 नवंबर को निर्धारित की गई है।
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ससपोल हेरिटेज गुफा स्थल के अपने दौरे के दौरान रोड्रिक्स ने प्राचीन स्मारक और संरक्षण अधिनियम के तहत इस क्षेत्र को एक विरासत संरक्षित क्षेत्र के रूप में अधिसूचित करने की प्रक्रिया शुरू की। यह ध्यान दिया गया कि गुफा संरक्षण उपायों को उचित तकनीकी विधियों का उपयोग करके और स्थापित विरासत मानदंडों के अनुरूप किए जाने की आवश्यकता है। ऐसी तकनीकें और क्षमताएं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के माध्यम से संभव होंगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। एएसआई के संरक्षण विशेषज्ञों का एक दौरा पहले ही निर्धारित किया जा चुका है। उन्होंने लद्दाख के अजंता और एलोरा के संरक्षण के लिए स्थानीय ग्राम प्रधानों से सहयोग का अनुरोध किया है।
ग्राम प्रतिनिधि ने मठ के लिए एक पहुंच मार्ग और गुफाओं की ओर जाने के लिए सड़क बनाने की मांग की। सचिव ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अगले वित्तीय वर्ष में सुरक्षात्मक दीवार और रेलिंग निर्माण सहित स्थल की सुरक्षा और विकास के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने राजस्व विभाग को विरासत स्थल अधिसूचना के लिए आवश्यक भूमि अभिलेख तैयार करके अभिलेखागार एवं पुरातत्व विभाग को प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
सचिव रोड्रिग्स ने लद्दाख की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।