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Jammu News: गीतांजलि अंगमो ने सोनम वांगचुक से की मुलाकात, बाल विश्वकोश भेंट किया
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। शिक्षाविद् गीतांजलि अंगमो ने वीरवार को जोधपुर में प्रसिद्ध नवप्रवर्तक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उन्हें बच्चों का एक विश्वकोश सौंपा जिसकी मांग वांगचुक ने पहले की थी।
लद्दाख में सतत विकास और शिक्षा के क्षेत्र में अपने अग्रणी कार्य के लिए प्रसिद्ध वांगचुक ने गीतांजलि और इस कार्य को संभव बनाने वाले सभी समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह मुलाकात सरल किंतु सार्थक, बच्चों में जिज्ञासा और सीखने को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। ये मूल्य शिक्षा और नवप्रवर्तन दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मुलाकात के बाद एक संदेश में वांगचुक ने आशा का एक गीत गाया जिसमें सभी को कठिन समय में विश्वास न खोने की याद दिलाई गई। उन्होंने अपने ट्रेडमार्क आशावाद को दर्शाने वाली काव्य पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कहा:
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''रात भर का है मेहमान अंधेरा,
किस के रोके रुका है सवेरा,
रातें भी संगीन होगी,
सुबह बिल्कुल वैसी ही रंगीन होगी।''
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लेह। शिक्षाविद् गीतांजलि अंगमो ने वीरवार को जोधपुर में प्रसिद्ध नवप्रवर्तक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उन्हें बच्चों का एक विश्वकोश सौंपा जिसकी मांग वांगचुक ने पहले की थी।
लद्दाख में सतत विकास और शिक्षा के क्षेत्र में अपने अग्रणी कार्य के लिए प्रसिद्ध वांगचुक ने गीतांजलि और इस कार्य को संभव बनाने वाले सभी समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह मुलाकात सरल किंतु सार्थक, बच्चों में जिज्ञासा और सीखने को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। ये मूल्य शिक्षा और नवप्रवर्तन दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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मुलाकात के बाद एक संदेश में वांगचुक ने आशा का एक गीत गाया जिसमें सभी को कठिन समय में विश्वास न खोने की याद दिलाई गई। उन्होंने अपने ट्रेडमार्क आशावाद को दर्शाने वाली काव्य पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कहा:
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किस के रोके रुका है सवेरा,
रातें भी संगीन होगी,
सुबह बिल्कुल वैसी ही रंगीन होगी।''