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जम्मू-कश्मीरः हड़ताल से पीछे हटे वकील, 18 से काम पर लौटेंगे
Sat, 14 Dec 2019 01:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 14 Dec 2019 01:25 AM IST
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jammu high court
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रजिस्ट्री मामले पर पिछले 43 दिन से बेमियादी हड़ताल पर अड़े वकील 18 दिसंबर से काम पर लौटेंगे। शुक्रवार को जनरल हाउस की बैठक में तमाम वरिष्ठ वकीलों की सर्वसहमति से हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया। 11 दिसंबर को ही हाईकोर्ट ने वकीलों को हड़ताल पर कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट में जबरदस्ती गेट पर कुछ वकीलों द्वारा ताला लगाने पर चार वकीलों को नोटिस भी जारी किया था।
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शुक्रवार को जनरल हाउस की बैठक में दो मुद्दों पर चर्चा के बाद वकील काम करने पर राजी हुए। पहला उपराज्यपाल प्रशासन के हस्तक्षेप और दूसरा हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के कड़े संज्ञान के बाद जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को जनरल हाउस बुलाकर हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया।
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सरकार ने वकीलों को आश्वस्त किया था कि जेडीए कांप्लेक्स में उप रजिस्ट्रार का कार्यालय होगा। यहां स्पेशल न्यायाधिकरण होंगे। उप रजिस्ट्रार के पास जाने वाले दस्तावेज सिर्फ वकील ही तैयार करेंगे। पांच घंटे तक चली वकीलों की बैठक में 700 से अधिक सदस्य शामिल हुए। शुक्रवार को बैठक के दौरान दोनों मुद्दों पर बातचीत हुई।
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बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट अभिनव शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया। एडवोकेट बी एस सलाथिया, लीलाकरण शर्मा, उसमाल सलारिया, सुनील सेठी, बीएस मन्हास, एम आर कुरेशी, सुरिंदर कौर, रंजीत सिंह जमवाल, अजय कोतवाल, नितिन बक्शी, रोहित भगत आदि बैठक में मौजूद रहे।
वकीलों को मिले नोटिस पर मिलकर लड़ेंगे
हाईकोर्ट ने चार वकीलों बलदेव सिंह, नितिन बख्शी, अजहर उसमान और महिंदर सिंह को कारण बताओ नोटिस दिया था। इन वकीलों ने जबरदस्ती हाईकोर्ट कांप्लेक्स के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया था। साथ ही सोफों को गेट के आगे लगा दिया। इस पर हाईकोर्ट ने वकीलों को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों न उनके खिलाफ केस चलाया जाए। इस मामले पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा कि कोर्ट के इस नोटिस के खिलाफ बार के लोग मिलकर लड़ेंगे।
एक नवंबर से हड़ताल पर थे वकील
राज्य सरकार ने जमीनों की रजिस्ट्री न्यायपालिका से राजस्व विभाग के पास शिफ्ट कर दी थी। इससे खफा होकर वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। वकीलों का आंदोलन तेज हो रहा था। इसी बीच हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए वकीलों की हड़ताल को अवैध करार दे दिया। एक नवंबर से वकीलों की हड़ताल चल रही थी। जो 18 दिसंबर को खत्म हो जाएगी।
50 हजार से अधिक मामले लंबित
जानकारी के अनुसार वकीलों की हड़ताल के चलते हाईकोर्ट और सहयोगी अदालतों में हजारों मामले लंबित हो चुके थे। कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही थी। लगभग 50 हजार मामले लंबित हो चुके हैं।