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जम्मू कश्मीर के डोडा में लश्कर के माड्यूल का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
Updated Sat, 13 May 2017 07:15 PM IST
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आतंकी माड्यूल का पर्दाफाश
- फोटो : डेमो फोटो
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चिनाब वैली में फिर से आतंक के पैर पसारने की साजिश की जा रही है। पुलिस ने पांच आतंकियों को गिरफ्तार कर डोडा के गंदोह में पुलिस पोस्ट पर हमले में लश्कर के माड्यूल का पर्दाफाश किया है। इनमें एक पूर्व आतंकी शामिल है, जिसने इस पूरे हमले की योजना बनाई थी। पाकिस्तान में बैठे लश्कर कमांडर ने इसकी साजिश रची थी। आईजी जम्मू एस डी जंबाल ने पत्रकारों को बताया कि हमले की पूरी साजिश डोडा के रहने वाले मोहम्मद अमीन उर्फ खुबेब (जो इस समय पाकिस्तान में लश्कर का कमांडर है) ने रची।
डोडा के टांटा का रहने वाला पूर्व आतंकी अब्दुल रशीद 2001 से 2008 तक डोडा में सक्रिय आतंकी रहा है। 2008 में उसने सरेंडर कर दिया था। कुछ देर बाद रशीद फिर से छूट गया और 2013 में दोबारा पकड़ा गया। अभी आठ महीने पहले वह दोबारा जेल से छूटा। रशीद पाकिस्तान में बैठे खुबेब के संपर्क में था और दोनों के बीच डोडा में आतंक को फिर से जिंदा करने की साजिश रची गई। रशीद ने इस पर काम शुरू कर दिया। उसने अपने दोस्त सेना की टी ए बटालियन 139 में तैनात बशीर अहमद से संपर्क किया।
बशीर का भतीजा अल्ताफ डोडा पुलिस में तैनात है और उसकी ड्यूटी जिला पुलिस लाइन में है। बशीर और रशीद ने अल्ताफ से बात की और अल्ताफ ने पुलिस की एके 47 रायफल चुराई। इसे लेकर डोडा पुलिस में केस भी दर्ज हुआ। इसके बाद रशीद ने यह एके 47 अपने छोटे भाई शौकत अली को दी। 7 मई को शौकत ने अपने दोस्त अख्तर मागरे के साथ मिलकर टांटा पुलिस स्टेशन पर हमला किया।
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डोडा के टांटा का रहने वाला पूर्व आतंकी अब्दुल रशीद 2001 से 2008 तक डोडा में सक्रिय आतंकी रहा है। 2008 में उसने सरेंडर कर दिया था। कुछ देर बाद रशीद फिर से छूट गया और 2013 में दोबारा पकड़ा गया। अभी आठ महीने पहले वह दोबारा जेल से छूटा। रशीद पाकिस्तान में बैठे खुबेब के संपर्क में था और दोनों के बीच डोडा में आतंक को फिर से जिंदा करने की साजिश रची गई। रशीद ने इस पर काम शुरू कर दिया। उसने अपने दोस्त सेना की टी ए बटालियन 139 में तैनात बशीर अहमद से संपर्क किया।
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बशीर का भतीजा अल्ताफ डोडा पुलिस में तैनात है और उसकी ड्यूटी जिला पुलिस लाइन में है। बशीर और रशीद ने अल्ताफ से बात की और अल्ताफ ने पुलिस की एके 47 रायफल चुराई। इसे लेकर डोडा पुलिस में केस भी दर्ज हुआ। इसके बाद रशीद ने यह एके 47 अपने छोटे भाई शौकत अली को दी। 7 मई को शौकत ने अपने दोस्त अख्तर मागरे के साथ मिलकर टांटा पुलिस स्टेशन पर हमला किया।
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हमले से पहले की रैकी
terrorist
- फोटो : Demo Photo
हमला करने से पहले पूरी रैकी की गई। इसके लिए टांटा के रहने वाले शफकत हुसैन और हफीज नाम के युवकों ने काम किया। दोनों ने रशीद को जानकारी दी कि टांटा पुलिस पोस्ट पर कितने लोग हैं।
कितने बजे यह लोग तैनात होते हैं और कितने लोग होते हैं। दोनों ने रशीद को बताया कि 7 मई को दो से तीन एसपीओ ही तैनात हैं, इसके बाद यह हमला हुआ।
कितने बजे यह लोग तैनात होते हैं और कितने लोग होते हैं। दोनों ने रशीद को बताया कि 7 मई को दो से तीन एसपीओ ही तैनात हैं, इसके बाद यह हमला हुआ।