लश्कर-हिजबुल: जम्मू-कश्मीर में चला रहे नारको टेरर मॉड्यूल, एनआईए ने आरोपपत्र में किया खुलासा
सात और के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र। कुपवाड़ा में 17 किलो हेरोइन व 1.17 करोड़ रुपये बरामदगी का मामला।
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कुपवाड़ा नारको टेरर मामले में एनआईए ने और सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। यह सभी पाकिस्तान में बैठे प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-ताइबा व हिजबुल मुजाहिदीन के ऑपरेटिव के सहयोग से जम्मू-कश्मीर समेत देश के कई हिस्सों में ड्रग्स तस्करी की साजिश में शामिल हैं। इससे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने में किया जा रहा है। इसके लिए ओवरग्राउंड वर्करों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है। इस मामले में गत पांच दिसंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
एनआईए के अनुसार बांदीपोरा के पर्रे मोहल्ला के शौकत सलाम पर्रे, बारामुला के कंसीपोरा के आसिफ गुल, गांदरबल के डंगरपोरा के अल्ताफ अहमद शाह, सांबा के विजयपुर के रोमेश कुमार, शोपियां के वंडुना के मुदासिर अहमद डार, अनंतनाग के बिजबिहाड़ा के आमिन अल्लई उर्फ हिलाल मीर और कुपवाड़ा के तंगधार अमरोही के अब्दुल राशिद के खिलाफ जम्मू में एनआईए विशेष न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
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प्रवक्ता के अनुसार हंदवाड़ा के कैरो पुल के पास 11 जून 2020 को वाहनों की जांच के दौरान अब्दुल मोमिन पीर को गिरफ्तार किया गया था। वाहन की तलाशी में दो किलो हेरोइन व 2.01 लाख रुपये नकदी बरामद की गई थी। बाद में उसकी निशानदेही पर 15 किलो हेरोइन और 1.15 करोड़ रुपये मिले थे। एनआईए ने 26 जून को मामला अपने हाथ में लेते हुए नए सिरे से जांच पड़ताल शुरू की। प्रवक्ता ने बताया कि अभी मामले में जांच चल रही है।