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मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकवादियों में एक की हुई पहचान, इस आतंकी संगठन का निकला शीर्ष कमांडर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:31 PM IST
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जम्मू कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकवादियों में से एक की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर के रूप में हुई है, जो पिछले तीन साल से उत्तर कश्मीर में सक्रिय था।
पुलिस ने बुधवार को बताया कि उन्होंने आतंकवादी की पहचान पाकिस्तानी नागरिक अबू मआज के रूप में की है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘बरामद सामग्री के आधार पर मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान पाकिस्तानी मूल के अबू मआज के रूप में की गई है जो उत्तर कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर के रूप में सक्रिय था।’’
बोमई इलाके में मंगलवार को अभियान के दौरान मारे गए अन्य आतंकवादी की पहचान अब्दुल मजीद मीर उर्फ समीर के रूप में हुई है। प्रवक्ता ने बताया कि मआज का 2015 से आपराधिक रिकॉर्ड था और वह इलाके में खासतौर से सोपोर और हंदवाडा में कई आतंकवादियों गतिविधियों में शामिल था।
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उन्होंने कहा, ‘‘वह इलाके में सुरक्षा बलों पर कई हमले करने और नागरिकों की हत्याओं में शामिल था। उसके खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के चलते घाटी में विभिन्न पुलिस थानों में कई मामले दर्ज थे।’’
प्रवक्ता ने कहा कि मआज 2015 से लेकर अब तक आम नागरिकों और सुरक्षाबलों पर हमलों के कम से कम 12 मामलों में शामिल था जिनमें तीन नागरिक और एक सेना अधिकारी की मौत हो गई थी।
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पुलिस ने बुधवार को बताया कि उन्होंने आतंकवादी की पहचान पाकिस्तानी नागरिक अबू मआज के रूप में की है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘बरामद सामग्री के आधार पर मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान पाकिस्तानी मूल के अबू मआज के रूप में की गई है जो उत्तर कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर के रूप में सक्रिय था।’’
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बोमई इलाके में मंगलवार को अभियान के दौरान मारे गए अन्य आतंकवादी की पहचान अब्दुल मजीद मीर उर्फ समीर के रूप में हुई है। प्रवक्ता ने बताया कि मआज का 2015 से आपराधिक रिकॉर्ड था और वह इलाके में खासतौर से सोपोर और हंदवाडा में कई आतंकवादियों गतिविधियों में शामिल था।
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उन्होंने कहा, ‘‘वह इलाके में सुरक्षा बलों पर कई हमले करने और नागरिकों की हत्याओं में शामिल था। उसके खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के चलते घाटी में विभिन्न पुलिस थानों में कई मामले दर्ज थे।’’
प्रवक्ता ने कहा कि मआज 2015 से लेकर अब तक आम नागरिकों और सुरक्षाबलों पर हमलों के कम से कम 12 मामलों में शामिल था जिनमें तीन नागरिक और एक सेना अधिकारी की मौत हो गई थी।