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शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव, अब स्नातक होगी योग्यता
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Wed, 07 Sep 2016 11:39 AM IST
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रियासत में शिक्षा के स्तर में सुधार करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल की है। इसके तहत शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए अब न्यूनतम योग्यता स्नातक कर दी गई है। अब तक योग्यता इंटर ही थी।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी एसआरओ के अनुसार अब सीधी भर्ती के लिए योग्यता को एनसीटीई के समतुल्य कर दिया गया है।
एनसीटीई ने वर्ष 2011 में न्यूनतम योग्यता स्नातक कर दी थी। यह संशोधन मेधावियों को आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया है ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार हो सके।
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शिक्षा विभाग की ओर से जारी एसआरओ के अनुसार अब सीधी भर्ती के लिए योग्यता को एनसीटीई के समतुल्य कर दिया गया है।
एनसीटीई ने वर्ष 2011 में न्यूनतम योग्यता स्नातक कर दी थी। यह संशोधन मेधावियों को आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया है ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार हो सके।
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22 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा
स्कूल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
यह फैसला पिछले चार वर्षों के दौरान सर्विस सिलेक्शन बोर्ड की ओर से चयनित शिक्षकों के डाटा के विश्लेषण के आधार पर किया गया है। इस दौरान यह पाया गया कि केवल तीन फीसदी ही अंडर ग्रेजुएट शिक्षकों के पद पर चयनित किए गए हैं।
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में सरकार ने बिना प्रशिक्षित शिक्षकों को इग्नू, एनआईओएस के जरिये प्रशिक्षण देने का निर्णय किया है। इसके तहत 22 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
सरकार ने शिक्षकों के ज्ञान को अपग्रेड करने के लिए ई-लर्निंग माड्यूल का शुभारंभ किया है ताकि वे आधुनिक तकनीक से लैस हो सकें। पहले चरण में 84 हजार शिक्षकों को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही 35 हजार शिक्षक ई-लर्निंग माड्यूल के तहत समाहित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यह सारे प्रयास शिक्षा के स्तर में सुधार लाने और शिक्षा में हो रहे बदलावों से प्रतिस्पर्धा करने की है।
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में सरकार ने बिना प्रशिक्षित शिक्षकों को इग्नू, एनआईओएस के जरिये प्रशिक्षण देने का निर्णय किया है। इसके तहत 22 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
सरकार ने शिक्षकों के ज्ञान को अपग्रेड करने के लिए ई-लर्निंग माड्यूल का शुभारंभ किया है ताकि वे आधुनिक तकनीक से लैस हो सकें। पहले चरण में 84 हजार शिक्षकों को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही 35 हजार शिक्षक ई-लर्निंग माड्यूल के तहत समाहित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यह सारे प्रयास शिक्षा के स्तर में सुधार लाने और शिक्षा में हो रहे बदलावों से प्रतिस्पर्धा करने की है।