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Jammu: मौत का सिंडिकेट चलाता था लाहू, 2010 से फैला रखा था नशे का जाल, लालच और डर से तैयार करता था नए पैडलर
Wed, 08 Apr 2026 03:21 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 08 Apr 2026 03:21 PM IST
सार
जम्मू और सांबा के सीमावर्ती इलाकों में नशे का बड़ा नेटवर्क चलाने वाले कुख्यात तस्कर लाहू गुज्जर मौत का सिंडिकेट चला रहा था। 2010 में दूध का सफेद कारोबार करते हुए नशे के काले धंधे में उतरा और देखते ही देखते मास्टरमाइंड बन गया।
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पुलिस की गिरफ्त में लाहू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू और सांबा के सीमावर्ती इलाकों में नशे का बड़ा नेटवर्क चलाने वाले कुख्यात तस्कर लाहू गुज्जर मौत का सिंडिकेट चला रहा था। 2010 में दूध का सफेद कारोबार करते हुए नशे के काले धंधे में उतरा और देखते ही देखते मास्टरमाइंड बन गया। चिट्टे की सप्लाई के जरिए युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहा था। इसी की बिछाई मौत ने कई घरों के चिराग बुझा दिए थे।
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मीरां साहिब पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ में खुलासा हुआ है कि लाहू ने जम्मू और सांबा जिले के कई इलाकों में अपना जाल फैला रखा था। सरूर, बाड़ी ब्राह्मणा, विजयपुर, बिश्नाह और अरनिया सहित आसपास के क्षेत्रों में नशे की सप्लाई इसी गिरोह के जरिए होती थी।
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लाहू का काम करने का तरीका बहुत ही शातिर और खतरनाक था। पुलिस के मुताबिक, लाहू का नेटवर्क बेहद संगठित और खतरनाक था। वह खुद तस्करी करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी इस धंधे में उतरने के लिए लालच और डर का सहारा लेकर तैयार करता था। एक तस्कर से कई नए पैडलर तैयार करने की उसकी रणनीति ने उसके नेटवर्क को तेजी से विस्तार दिया।
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नशा तस्करी के साथ-साथ मवेशी तस्करी और फिर लूटपाट करने लगा। लाहू गुज्जर के दो भाई इस नेटवर्क के विस्तार में सबसे अहम भूमिका निभाते थे। 2023 में याकूब गुज्जर और 2026 में फल्ला गुज्जर की गिरफ्तारी के बाद से लाहू गुज्जर का नेटवर्क कमजोर होता गया। लोग भी पुलिस को इसकी जानकारी देने लगे। यही कारण था कि चार अप्रैल को पुलिस लाहू गुज्जर को गिरफ्तार करने में कमयाब रही।
पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों से मिल रही सूचनाओं और लगातार कार्रवाई के बाद चार अप्रैल को लाहू गुज्जर को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है।