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देश का पहला कार्बन न्यूट्रल प्रदेश बनेगा लद्दाख: लेह-हेमिस और लेह-संगम रूट पर इन बसों में सफर कर सकेंगे पर्यटक
Fri, 01 Oct 2021 11:13 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह/जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह/जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 01 Oct 2021 11:13 PM IST
सार
लद्दाख प्रशासन के अनुसार दोनों रूटों पर प्रति यात्री 500 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। हेमिस में बौद्ध मठ और नेशनल पार्क है जबकि संगम में सिंधु और जंस्कार नदियां मिलती हैं। जिसे देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं।
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लद्दाख
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
लद्दाख को देश का पहला कार्बन न्यूट्रल प्रदेश बनाने के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास शुरू हो गए हैं। प्रदेश प्रशासन ने पर्यटकों के लिए दो रूटों पर विशेष बस सेवा शुरू कर दी है। राजधानी लेह से शुरू की गई सार्वजनिक परिवहन सेवा में इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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यह सेवा लेह से हेमिस और लेह से संगम तक होगी। दोनों ही रूटों की लंबा 40 से 48 किलोमीटर तक है। बस सेवा के साथ प्रशासन की ओर से सत्यापित किया गया टूरिस्ट गाइड भी शामिल किया गया है।
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लद्दाख प्रशासन के अनुसार दोनों रूटों पर प्रति यात्री 500 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। हेमिस में बौद्ध मठ और नेशनल पार्क है जबकि संगम में सिंधु और जंस्कार नदियां मिलती हैं। जिसे देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं।
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क्या है कार्बन न्यूट्रल व्यवस्था
मोटर वाहनों से लेकर कारखानों व अन्य गतिविधियों से कार्बन डाईऑक्साइड समेत अन्य गैसों का उत्सर्जन होता है। इन गैसों से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कार्बन न्यूट्रल व्यवस्था में एक ऐसा संतुलन स्थापित किया जाता है, जिसमें गैस उत्सर्जन को कम करते हुए हानिकारक गैसों को सोखने के लिए तंत्र विकसित किया जाता है। केंद्र की मदद से लद्दाख में यह व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।