लद्दाख: दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड का निर्माण करने के लिए उपराज्यपाल ने दी बीआरओ को बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 दिसंबर 2021 को Chisumle-Demchok (चिसुमले-डेमचोक) सड़क का उद्घाटन किया था। दक्षिणी लद्दाख में स्थित, चिसुमले-डेमचोक सड़क खासतौर पर चीन के साथ सटे सरहदी इलाकों में सैन्य वाहनों की आसान आवाजाही में मदद करेगा।
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लद्दाख में मोटर कार चलाने लायक दुनिया की सबसे ऊंची सड़क बनाने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को उपराज्यपाल आरके माथुर ने बधाई दी है। यह सड़क लद्दाख के उमलिंगला दर्रे में 19,024 फीट की ऊंचाई पर बनाई गई है।
उपराज्यपाल के कार्यालय ने बताया कि एक सादा समारोह में बीआरओ के ब्रिगेडियर अरविंदर सिंह ने उपराज्यपाल आरके माथुर को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र सौंपा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 दिसंबर 2021 को Chisumle-Demchok (चिसुमले-डेमचोक) सड़क का उद्घाटन किया था। दक्षिणी लद्दाख में स्थित, चिसुमले-डेमचोक सड़क खासतौर पर चीन के साथ सटे सरहदी इलाकों में सैन्य वाहनों की आसान आवाजाही में मदद करेगा। चिसुमले-डेमचोक को इंजीनियरिंग के चमत्कार के रूप में जाना जाता है क्योंकि इतनी ऊंचाई पर सड़क का निर्माण करने पर कई महत्वपूर्ण चुनौतियां पेश आती हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं चिसुमले-डेमचोक सड़क की 6 खास बातें।
इसका रिकॉर्ड तोड़ा
उमलिंग ला दर्रा ने बोलीविया में स्थित 18,953 फीट ऊंचाई पर स्थित सड़क के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। बोलीविया में सबसे ऊंची सड़क उटुरुंकु नामक ज्वालामुखी से जुड़ती है।