कश्मीर में जाहिद की मौत पर कर्फ्यू जैसे हालात
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उधमपुर कांड में ट्रक के क्लीनर की मौत पर अलगाववादियों ने सोमवार को कश्मीर बंद रखा। जगह-जगह हिंसक प्रदर्शन हुए। जाहिद के शव को उसके पैतृक गांव अनंतनाग जिले के बटिंगू में दफनाया गया।
हालात की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जाहिद की मौत की खबर रविवार को जैसे ही घाटी में पहुंची तो यहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
खासकर, दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थिति अधिक तनावपूर्ण रही। सुरक्षा के मद्देनजर घाटी के छह थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगा दी गई थीं। लगभग सभी अलगाववादी नेताओं को घरों में नजरबंद रखा गया था।
बनिहाल-बारामुला रेललाइन पर रेल सेवाएं स्थगित कर दी गईं। प्रदर्शनों के चलते श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित रहा।जाहिद के शव को उसके पैतृक गांव के कब्रिस्तान में दफनाया गया। उसके जनाजे में हजारों की भीड़ उमड़ी।
कर्फ्यू जैसे हालात रहे
इस दौरान भारत विरोधी नारेबाजी भी की गई। जनाजे में शामिल युवाओं ने पाकिस्तानी झंडे भी लहराए। जाहिद के जनाजे से पहले अनंतनाग की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया।
लेकिन जनाजे से लौट रहे युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसके चलते यहां भीषण भिड़ंत देखने को मिली। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे।
इस दौरान एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।ऐसे ही हालात श्रीनगर में भी देखने को मिले। एमआर गंज, नौहट्टा, सफकदल, माईसुमा, रैनावारी और खन्यार में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू कर दी गईं।
किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरे शहर में बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई थी। सभी कारोबारी प्रतिष्ठान, स्कूल, कालेज आदि बंद रहे। अलगाववादियों के बंद के आह्वान को ट्रेडर्स ने भी समर्थन किया था। सड़कों से वाहन नदारद रहे।
पांच सौ टैंकर रास्ते में रोक दिए गए
उधमपुर ट्रक हमले के ड्राइवर की मौत के बाद घाटी में तनाव को देखते हुए एक भी ऑयल टैंकर रवाना नहीं किया गया। जो टैंकर पहले से घाटी पहुंचे थे, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया गया।
साथ ही टैंकरों को विशेष सुरक्षा प्रदान की गई है। घाटी में अकसर हिंसक प्रदर्शनकारियों का शिकार होने वाले ऑयल टैंकरों को इस बार पहले ही सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया।
वर्तमान में पांच सौ से ज्यादा ट्रक घाटी या रास्ते में रुके हुए हैं। इसके अलावा जम्मू डिपो से सोमवार को टैंकर लोड किए गए, लेकिन उन्हें घाटी के लिए रवाना नहीं किया गया।
जेएंडके ऑयल टैंकर ऑनर एसोसिएशन के प्रेसीडेंट आनन शर्मा ने बताया कि कश्मीर घाटी बंद की कॉल के मद्देनजर प्रशासन ने पहले ही एहतियात बरतते हुए जम्मू से निकले तमाम टैंकरों को उधमपुर, बनिहाल, रामसू और रामबन में रोक लिया।
कुछ टैंकरों को थानों में तो कुछ को सुरक्षित स्थानों में रखा गया है। इसके अलावा घाटी में श्रीनगर और अन्य स्थानों पर खाली हुए टैंकरों को देर रात ही कश्मीर से बाहर ले आया गया।
शेष टैंकरों को घाटी में ही अलग-अलग स्थानों पर रोका गया है। जब तक हालात सामान्य नहीं होते, उन्हें वहां रोका जाएगा। आनन शर्मा के अनुसार जम्मू से लेकर लेह तक लगभग पांच सौ टैंकर रुके हुए हैं। इसके अलावा जम्मू डिपो में भरे टैंकर खड़े हैं।