कश्मीर: तंगधार सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, एके-47 राइफल के साथ 30 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद
पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पैसों और हथियारों की कमी से जूझ रहे आतंकियों को मदद पहुंचाने के लिए वह आए दिन साजिशें रच रहा है। कुपवाड़ा के तंगधार में शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान की एक ऐसी ही साजिश को नाकाम बनाया।
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कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। तंगधार इलाके में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया गया है। इस दौरान हथियार, गोला-बारूद, दवाओं के साथ ही हेरोइन के छह पैकेट मिले हैं। इस हेरोइन की बाजार में कीमत करीब 30 करोड़ रुपये है।
बता दें कि खुफिया इनपुट के आधार पर कुपवाड़ा पुलिस ने सेना की 7-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और बीएसएफ की 87-बटालियन के साथ अभियान चलाया। इस दौरान तंगधार इलाके से एक एके-47 राइफल, दो ग्रेनेड, हेरोइन के छह पैकेट के साथ ही अन्य गोला-बारूद बरामद हुआ है। बरामद हेरोइन की बाजार में कीमत करीब 30 करोड़ रूपये हैं। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच जारी है।
इससे पहले बीते सप्ताह कश्मीर संभाग में सीमा पार से भेजी गई नशे और हथियारों की बड़ी खेप पकड़कर सुरक्षाबलों ने बारामुला जिले के उड़ी में नारको टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में आतंकियों के 10 मददगार भी पकड़े गए।
पकड़े गए लोगों के पास से लगभग 45 करोड़ रुपये मूल्य की नौ किलो हेरोइन, नकदी और हथियारों की खेप बरामद की गई । इनके पास से दस चीन में बने ग्रेनेड, चार पिस्टल, चार मैगजीन और 20 गोलियां बरामद की गईं। इस मॉड्यूल में कश्मीर के साथ ही पंजाब के लोग भी शामिल थे। यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: अब नहीं दिखते पत्थरबाज, लद गए पाक-परस्त और देश-विरोधियों के दिन, देखिए तस्वीरें
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आतंकी संगठनों को नारको टेरेरिज्म से फंडिंग करा रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तान की शह पर पलने वाले आतंकी संगठन फंडिंग से जूझ रहे हैं। इन संगठनों को न तो कश्मीर में अलगावादियों से फंडिंग हो रही है, न ही विदेश में सक्रिय मददगारों से इन्हें मदद मिल रही है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर सक्रिय आतंकी अपने लिए फंड नहीं जुटा पा रहे हैं। लिहाजा पाकिस्तान नारको टेरेरिज्म से इन संगठनों को फंडिंग करा रहा है। नारको टेरेरिज्म के लिए पाकिस्तान ने पंजाब और जम्मू-कश्मीर के नशा तस्करों को अपने साथ मिलाया है। इनसे तस्करी कराकर बड़े पैमाने पर पैसा आतंकी संगठनों तक पहुंचाया जा रहा है।