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जानिए कौन है पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड कामरान, जैश सरगना अजहर का था खास
Mon, 18 Feb 2019 12:32 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 18 Feb 2019 12:32 PM IST
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पुलवामा हमला
- फोटो : फाइल
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सुरक्षाबलों ने पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हमले को अंजाम देने वाले मास्टरमाइंड आतंकी गाजी रशीद उर्फ कामरान को रविवार देर रात शुरू हुई मुठभेड़ में मार गिराया है। हमले में शामिल जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर अपने भतीजे उस्मान और भांजे तल्हा रशीद के जरिए घाटी में आतंकी हरकतों को अंजाम देता था। ऑपरेशन ऑलआउट के दौरान सुरक्षाबलों ने उसे मार गिराया था, जिसके बाद से मसूद अजहर ने आईईडी एक्सपर्ट गाजी राशिद को इसकी जिम्मेदारी दी थी।
गाजी अपने दो साथियों के साथ दिसंबर में कश्मीर में दाखिल हुआ था। वह दक्षिण कश्मीर में छुपकर रह रहा था। गाजी को मसूद अजहर का काफी करीबी माना जाता था। बताया जाता है कि गाजी ने साल 2008 में जैश-ए-मोहम्मद ज्वाइन की थी। गाजी को इसके लिए तालिबान में ट्रेनिंग दी गई थी। साल 2010 में गाजी उत्तरी वजीरिस्तान आ गया था और वहीं से उसे मसूद अजहर के करीब आने का मौका मिला था।
गौरतलब है कि 14 फरवरी यानी गुरुवार को पुलवामा में ही सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमला हुआ था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे और कई अन्य घायल हुए थे। इस घटना के बाद सेना और सुरक्षाबल एक्शन में हैं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। पाकिस्तानी संगठन की तरफ से हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद भारत ने पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिशें तेज कर दी है।
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गाजी अपने दो साथियों के साथ दिसंबर में कश्मीर में दाखिल हुआ था। वह दक्षिण कश्मीर में छुपकर रह रहा था। गाजी को मसूद अजहर का काफी करीबी माना जाता था। बताया जाता है कि गाजी ने साल 2008 में जैश-ए-मोहम्मद ज्वाइन की थी। गाजी को इसके लिए तालिबान में ट्रेनिंग दी गई थी। साल 2010 में गाजी उत्तरी वजीरिस्तान आ गया था और वहीं से उसे मसूद अजहर के करीब आने का मौका मिला था।
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गौरतलब है कि 14 फरवरी यानी गुरुवार को पुलवामा में ही सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमला हुआ था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे और कई अन्य घायल हुए थे। इस घटना के बाद सेना और सुरक्षाबल एक्शन में हैं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। पाकिस्तानी संगठन की तरफ से हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद भारत ने पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिशें तेज कर दी है।
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