{"_id":"5d1bc0d78ebc3e3cf975fa06","slug":"kishtwar-mini-bus-accident-jammu-kashmir-police-lodge-a-fir-against-doctors-and-cmo","type":"story","status":"publish","title_hn":"किश्तवाड़ हादसा: सीएमओ और डाक्टरों के खिलाफ मुकदमा, सड़क हादसे में हुई थी 35 यात्रियों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किश्तवाड़ हादसा: सीएमओ और डाक्टरों के खिलाफ मुकदमा, सड़क हादसे में हुई थी 35 यात्रियों की मौत
Wed, 03 Jul 2019 02:08 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 03 Jul 2019 02:08 AM IST
विज्ञापन
किश्तवाड़ हादसा
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किश्तवाड़ जिले के सिरग्वाड़ी के पास केशवान में सोमवार को हुए मेटाडोर हादसे में सीएमओ, चिकित्सकों समेत चालक और बस मालिक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की है। एक में चालक और बस मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी एफआईआर में पीएमजीएसवाई और सीएमओ व अन्य चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा है।
एसएसपी शक्ति कुमार पाठक का कहना है कि इस मामले में गहनता से जांच की जा रही है। हालांकि, चालक की इस हादसे में मौत हो चुकी है। ओवरलोडेड मेटाडोर के सोमवार को गहरी खाई में गिरने से 35 लोगों की जान चली गई थी तथा 16 यात्री घायल हुए थे।
विभाग पर रोड के रखरखाव में नाकाम रहने का आरोप
पुलिस के अनुसार, गाड़ी की खराब हालत के लिए चालक व मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही रोड के रखरखाव करने में नाकाम रहने पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों और किश्तवाड़ जिला अस्पताल में समय से घायलों को चिकित्सा उपलब्ध न कराने के मामले में सीएमओ, चिकित्सा अधीक्षक व चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
सड़क पर चलने की नहीं थी इजाजत
सोमवार को केशवान में हुए मेटाडोर हादसे को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। मेटाडोर में मात्र 27 यात्रियों को बिठाने की ही स्वीकृति थी। जिस मार्ग पर यह जा रही थी वह सड़क अभी विभाग की तरफ से पास नहीं हुई है। बस का अगर सिरग्वाड़ी या फिर केशवान तक ही परमिट था तो इतनी सवारियां क्यों भरी गईं। लोग अंदाजा लोग लगा रहे हैं कि मार्ग कच्चा था। वह तेज गति से आ रहा था। जहां मिट्टी नरम थी वहां टायर सड़क के नीचे जाने लगा होगा और ओवरलोड होने के कारण मेटाडोर खाई में जा गिरी।
ढलान पर हुआ था हादसा
लोगों के अनुसार, मौके को देखा जाए तो वहां पर ढलान भी थी। मेटाडोर केशवान से आगे और पीछे भी ओवरलोड होती थी। इसमें कई सवारियां ठाकराई, सिरग्वाड़ी और कुड़िया में उतर जाती थीं। शहर के लिए कम ही सवारियां होती थीं। स्कूली बच्चे फिलर ठाकराई में उतर जाते थे।
विज्ञापन
एसएसपी शक्ति कुमार पाठक का कहना है कि इस मामले में गहनता से जांच की जा रही है। हालांकि, चालक की इस हादसे में मौत हो चुकी है। ओवरलोडेड मेटाडोर के सोमवार को गहरी खाई में गिरने से 35 लोगों की जान चली गई थी तथा 16 यात्री घायल हुए थे।
विज्ञापन
विभाग पर रोड के रखरखाव में नाकाम रहने का आरोप
पुलिस के अनुसार, गाड़ी की खराब हालत के लिए चालक व मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही रोड के रखरखाव करने में नाकाम रहने पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों और किश्तवाड़ जिला अस्पताल में समय से घायलों को चिकित्सा उपलब्ध न कराने के मामले में सीएमओ, चिकित्सा अधीक्षक व चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
सड़क पर चलने की नहीं थी इजाजत
सोमवार को केशवान में हुए मेटाडोर हादसे को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। मेटाडोर में मात्र 27 यात्रियों को बिठाने की ही स्वीकृति थी। जिस मार्ग पर यह जा रही थी वह सड़क अभी विभाग की तरफ से पास नहीं हुई है। बस का अगर सिरग्वाड़ी या फिर केशवान तक ही परमिट था तो इतनी सवारियां क्यों भरी गईं। लोग अंदाजा लोग लगा रहे हैं कि मार्ग कच्चा था। वह तेज गति से आ रहा था। जहां मिट्टी नरम थी वहां टायर सड़क के नीचे जाने लगा होगा और ओवरलोड होने के कारण मेटाडोर खाई में जा गिरी।
ढलान पर हुआ था हादसा
लोगों के अनुसार, मौके को देखा जाए तो वहां पर ढलान भी थी। मेटाडोर केशवान से आगे और पीछे भी ओवरलोड होती थी। इसमें कई सवारियां ठाकराई, सिरग्वाड़ी और कुड़िया में उतर जाती थीं। शहर के लिए कम ही सवारियां होती थीं। स्कूली बच्चे फिलर ठाकराई में उतर जाते थे।
"जहां यह हादसा हुआ है वहां से 6 किलोमीटर दूर ठाकराई में पुलिस की चौकी है। मेटाडोर वहां से गुजरती तो जरूर चेकिंग होती। पुलिस क्या-क्या करेगी। इसके लिए यातायात पुलिस है। हमने इस मामले में चालक, मेटाडोर मालिक, पीएमजीएसवाई, चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।"-शक्ति कुमार पाठक, एसएसपी