Kathua : हीरानगर होल्डिंग सेंटर में रोहिंग्याओं ने मचाया बवाल, गेट के ताले तोड़कर पुलिस पर पत्थरबाजी- हंगामा
गेट तोड़ने के बाद रोहिंग्या नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट की ओर बढ़ने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी जवानों के साथ सेंटर के भीतर पहुंचे तो रोहिंग्याओं ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
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हीरानगर (कठुआ) होल्डिंग सेंटर में रह रहे रोहिंग्याओं ने मंगलवार सुबह सेंटर के भीतर बवाल मचाते हुए भीतरी गेट तोड़ दिया। गेट तोड़ने के बाद रोहिंग्या नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट की ओर बढ़ने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी जवानों के साथ सेंटर के भीतर पहुंचे तो रोहिंग्याओं ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पत्थर लगने से कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने पत्थरबाजी रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसमें कुछ रोहिंग्या भी घायल हुए हैं। बवाल शांत होने पर कुछ रोहिंग्याओं को हीरानगर थाने ले जाया गया।
मंगलवार तड़के रोहिंग्याओं ने सबसे पहले सेंटर के भीतरी गेट के ताले तोड़ दिए। उन्होंने यहां तैनात पुलिस को धमकी दी कि अगर मुख्य गेट खोलकर उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो उसे भी तोड़ देंगे। इस दौरान उन्होंने कुछ पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई की और रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस सेंटर के भीतर पत्थरबाजी शुरू कर दी। घटना के बाद सेंटर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
एसएसपी शिवदीप सिंह जम्वाल और सीआरपीएफ के अधिकारी सेंटर में पहुंचे। तैनाती बढ़ती देख रोहिंग्याओं ने पत्थरबाजी तेज कर दी। पत्थर लगने से 10 से 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ ने भी बल प्रयोग किया। इसके बाद भी जब रोहिंग्या पत्थरबाजी से नहीं रुके तो आंसू गैस के गोले दागे गए। घायल पुलिसकर्मियों और रोहिंग्याओं का सेंटर के भीतर ही डॉक्टरों की टीम ने इलाज किया।
दोपहर तक चला तड़के शुरू हुआ बवाल
तड़के शुरू हुआ यह बवाल दोपहर तक जारी रहा। पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी रोहिंग्याओं को समझाने में जुटे रहे। दोपहर बाद भीतर का माहौल शांत हुआ। हालांकि पुलिस ने इस मामले से संबंधित कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया।
269 रोहिंग्याओं को रखा गया है होल्डिंग सेंटर में
मार्च 2021 में हीरानगर जेल का नाम बदलकर होल्डिंग सेंटर रखा गया और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा समझते हुए सरकार ने 269 रोहिंग्याओं को इस सेंटर में रखा। रिहाई की मांग को लेकर पहले भी यह कई बार हंगामा कर चुके हैं। प्रदेश में जी-20 कार्यक्रम से पहले भी इन्होंने होल्डिंग सेंटर में बवाल मचाया था। इस पर पुलिस के उच्च अधिकारियों ने इन्हें आश्वस्त किया था।
स्थानीय लोगों ने कहा, मुलाकात के लिए आने वालों की भी हो जांच
पत्थबाजी की घटना के बाद पता चलता है कि रोहिंग्याओं के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता और बढ़ानी होगी। स्थानीय लोगों ने कहा कि रोज इनसे मिलने लोग आते हैं। इनमें से कुछ सेंटर के भीतर चले जाते हैं, जबकि कुछ बाहर बैठकर इंतजार करते हैं। इसलिए इनसे भी पूछताछ होनी चाहिए।