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J&K: कठुआ कांड के कारण घाटी में हो रही हिंसा पर बोले DGP वैद- कुछ तो है गड़बड़
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Fri, 20 Apr 2018 05:10 PM IST
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unrest kashmir
- फोटो : BASIT ZARGAR
कश्मीर घाटी में कठुआ रेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए प्रदर्शनों में घाटी के छात्र-छात्राएं बढ़ चढ़ कर भाग ले रहे हैं। उत्तरी कश्मीर से लेकर दक्षिणी कश्मीर, या फिर मध्य कश्मीर में रोजाना प्रदर्शनों का दौर जारी है। वीरवार को भी शोपियां, बांदीपोरा, श्रीनगर आदि जिलों में छात्रों ने कई प्रदर्शन रैलियां निकालीं।
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इस दौरान पुलिस कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक छात्र घायल भी हुए हैं। लेकिन सवाल है कि जब क्राइम ब्रांच ने अपनी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। मामले की सुनवाई भी शुरू हो गई है तो फिर इस कांड को लेकर छात्र-छात्राओं का रोज-रोज प्रदर्शन क्यों?
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वीरवार को लगभग हर जिले में हायर सेकेंडरी स्कूल और डिग्री कॉलेज बंद रखने के एलान के बावजूद सड़कों पर ये छात्र कैसे जुट गए? वे कौन लोग हैं जो घाटी में शांति बहाल होने देना नहीं चाहते।
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कहीं इसके पीछे अलगाववादियों का हाथ तो नहीं। राज्य के पुलिस महानिदेशक ने भी इस पर चिंता जताई है। अमर उजाला से बात करते हुए डीजीपी डा. एसपी वैद ने कहा, कुछ तो गड़बड़ है, छात्रों के पास प्रदर्शन करने का अब कोई कारण नहीं होना चाहिए। जो सर्वोत्तम संभव था वह जांच क्राइम ब्रांच ने की।
सुप्रीम कोर्ट ने भी वकीलों की सख्ती से खबर ली। अब तो फिर कोई कारण प्रदर्शन करने का नहीं है। कुछ तो है जो इसको एक मसला बनाना चाहता है। छात्रों के इन प्रदर्शनों से न सिर्फ पुलिस नहीं बल्कि सरकार भी परेशान है। उन्हें भी यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर छात्र प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं।
इसे लेकर जम्मू कश्मीर सरकार में पीडीपी के मंत्री व सरकार के प्रवक्ता नईम अख्तर ने भी ट्वीट कर कहा कि- कठुआ मामले को लेकर छात्रों के पास प्रदर्शन करने का कोई कारण नहीं है। कठुआ मामले पर प्रदर्शन और पत्थरबाजी का क्या कारण है जब मामला सुलझाया जा चुका है...आरोपी जेल में हैं...और कोर्ट में ट्रायल जारी है ? इसके बजाय क्या उन्हें कक्षाओं में मौजूद नहीं होना चाहिए?
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घाटी में दूसरे दिन भी प्रदर्शन
unrest kashmir
- फोटो : BASIT ZARGAR
रसाना मामले के विरोध में घाटी में दूसरे दिन भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन जारी रहा। सभी जिलों में हायर सेकेंडरी स्कूल और डिग्री कॉलेज बंद रखे जाने के बाद भी विद्यार्थी सड़कों पर उतरे। कई जगहों पर विद्यार्थियों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किए। इस बीच कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक विद्यार्थियों के घायल होने की सूचना है।
कुछ जगहों पर सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। उधर, शोपियां में सुरक्षा कर्मियों को पेलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ा, जिसमें दो लोगों की आंखों में पेलेट इंजरी हुई। पुलिस द्वारा हवाई फायरिंग करने की भी खबर है।
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र जैनाकूट में लोगों को प्रदर्शन के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मुस्तफाबाद इलाके में छात्र प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर उतरे। इससे ट्रैफिक जाम हो गया। देर तक आवागमन बंद रहने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर यातायात बहाल किया।
श्रीनगर के सेकीडाफर इलाके में विद्यार्थियों ने पुलिस बल पर पथराव किया। इस पर पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग किया। कार्रवाई के दौरान तीन छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ को एहतियातन तौर हिरासत में लिया। उधर श्रीनगर-बारामुला राजमार्ग पर भी प्रदर्शन करते हुए देलिना के पास राजमार्ग पर ट्रैफिक रोक दिया। रफियाबाद सोपोर में भी छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें देखने को मिली।
इसके अलावा बांदीपोरा जिले के अजस में छात्र पुलिस के साथ भिड़े। हायर सेकेंडरी स्कूल अजस के छात्रों ने भी प्रदर्शन किया। जब पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस पर पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग किया। इस कार्रवाई में करीब पांच छात्र घायल हुए। एसडीपीओ शेख ताहिर अमीन और एक और पुलिसकर्मी डेनिश अहमद के घायल होने की सूचना है।
50 छात्राओं के बेहोश होने पर दूसरे दिन त्राल बंद
उधर त्राल में गत बुधवार को सुरक्षाबलों की कार्रवाई के चलते बेहोश हुई 50 के करीब छात्राओं को लेकर दूसरे दिन वहां बंद रहा। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि दुकानें और कारोबारी इदारे सुबह खुले थे, लेकिन इस बीच युवाओं के एक ग्रुप ने सड़क पर उतरकर पत्थरबाजी की। इस पर दुकानदारों को मजबूरन दुकानें बंद करनी पड़ी।
कुछ जगहों पर सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। उधर, शोपियां में सुरक्षा कर्मियों को पेलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ा, जिसमें दो लोगों की आंखों में पेलेट इंजरी हुई। पुलिस द्वारा हवाई फायरिंग करने की भी खबर है।
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र जैनाकूट में लोगों को प्रदर्शन के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मुस्तफाबाद इलाके में छात्र प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर उतरे। इससे ट्रैफिक जाम हो गया। देर तक आवागमन बंद रहने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर यातायात बहाल किया।
श्रीनगर के सेकीडाफर इलाके में विद्यार्थियों ने पुलिस बल पर पथराव किया। इस पर पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग किया। कार्रवाई के दौरान तीन छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ को एहतियातन तौर हिरासत में लिया। उधर श्रीनगर-बारामुला राजमार्ग पर भी प्रदर्शन करते हुए देलिना के पास राजमार्ग पर ट्रैफिक रोक दिया। रफियाबाद सोपोर में भी छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें देखने को मिली।
इसके अलावा बांदीपोरा जिले के अजस में छात्र पुलिस के साथ भिड़े। हायर सेकेंडरी स्कूल अजस के छात्रों ने भी प्रदर्शन किया। जब पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस पर पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग किया। इस कार्रवाई में करीब पांच छात्र घायल हुए। एसडीपीओ शेख ताहिर अमीन और एक और पुलिसकर्मी डेनिश अहमद के घायल होने की सूचना है।
50 छात्राओं के बेहोश होने पर दूसरे दिन त्राल बंद
उधर त्राल में गत बुधवार को सुरक्षाबलों की कार्रवाई के चलते बेहोश हुई 50 के करीब छात्राओं को लेकर दूसरे दिन वहां बंद रहा। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि दुकानें और कारोबारी इदारे सुबह खुले थे, लेकिन इस बीच युवाओं के एक ग्रुप ने सड़क पर उतरकर पत्थरबाजी की। इस पर दुकानदारों को मजबूरन दुकानें बंद करनी पड़ी।