हावड़ा ब्रिज का मजा लीजिए बसोहली पुल पर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हावड़ा ब्रिज की तर्ज पर कठुआ के सुदूरवर्ती बसोहली इलाके में रावी दरिया पर बने बिना पिलर वाले रियासत के पहले केबिल स्टेड ब्रिज का लोकार्पण 24 दिसंबर को होगा।
रक्षा मंत्री इसका लोकार्पण करेंगे। बीआरओ ने इस पुल का निर्माण पांच साल में किया है। पंजाब, हिमाचल तथा जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाला यह पुल सामरिक महत्व वाला है।
इस पुल की खासियत यह है कि रावी दरिया में एक भी पिलर नहीं हैं। केवल दोनों किनारों पर 106 मीटर के दो टावर हैं। कुल 592 मीटर के इस पुल के निर्माण पर 145 करोड़ रुपये खर्च हुआ है।
145 करोड़ खर्च, 592 मीटर लंबाई, 05 साल का समय
दरिया की चौड़ाई 350 मीटर है जिसमें पिलर नहीं हैं। पुल की चौड़ाई 13.50 मीटर है। साढ़े सात मीटर में गाड़ियां चलेंगी और दोनों ओर दो-दो मीटर का फुटपाथ होगा। पुल के निर्माण पर सेफ्टी का पूरा ख्याल रखा गया है।
किनारों पर रेलिंग लगाने के साथ ही डिवाइडर पर एंटी क्रैश रेलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। बीआरओ के अधिकारी पंकज कुमार का कहना है कि ब्रिज बनकर पूरी तरह तैयार है। 24 दिसंबर को इसके लोकार्पण की तिथि तय हो गई है।
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर तथा रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह में से किसी एक के हाथ लोकार्पण समारोह होना है। फिलहाल दोनों में से किसी एक का नाम तय नहीं हो पाया है।