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'कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीरियत अधूरी'
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 17 Apr 2016 10:15 PM IST
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर
- फोटो : FILE PHOTO
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जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीरियत और कश्मीरी संस्कृति को अधूरा बताते हुए कहा कि कश्मीरी पंडित विस्थापितों की घाटी वापसी पूरे सम्मान और उनमें सुरक्षा की भावना के बीच ही होनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस समिति विस्थापित प्रकोष्ठ की ओर से जगती में आयोजित किए गए अधिवेशन में मुख्य अतिथि मीर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कश्मीरी विस्थापितों के कल्याण, पुनर्वास व घाटी में घरों को वापसी की तरफ काफी प्रयास किए है। उन्होंने कहा विस्थापन के दर्द को कोई मुआवजा कम नहीं कर सकता है।
उन्होंने विस्थापितों से अपील की कि वह कश्मीर में अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को शुरू करने का प्रयास करें ताकि आपसी सदभाव और भाई चारा का माहौल बने। उन्होंने कश्मीरी पंडित विस्थापितों के जायज मुद्दों को कांग्रेस के समर्थन का भरोसा भी दिलाया।
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उन्होंने कश्मीरी पंडित विस्थापितों को पुरानी स्केल के तहत राशन वितरण पर भी जोर दिया। अधिवेशन की अध्यक्षता विस्थापित प्रकोष्ठ के चेयरमैन हीरा लाल पंडिता ने की थी। इस अवसर पर विनोद कुमार कौल, मोहन लाल पंडिता, मक्खन लाल, देवेंद्र पाल सिंह, राजू पंडिता, राजेश पंडिता आदि भी मौजूद रहे।
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प्रदेश कांग्रेस समिति विस्थापित प्रकोष्ठ की ओर से जगती में आयोजित किए गए अधिवेशन में मुख्य अतिथि मीर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कश्मीरी विस्थापितों के कल्याण, पुनर्वास व घाटी में घरों को वापसी की तरफ काफी प्रयास किए है। उन्होंने कहा विस्थापन के दर्द को कोई मुआवजा कम नहीं कर सकता है।
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उन्होंने विस्थापितों से अपील की कि वह कश्मीर में अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को शुरू करने का प्रयास करें ताकि आपसी सदभाव और भाई चारा का माहौल बने। उन्होंने कश्मीरी पंडित विस्थापितों के जायज मुद्दों को कांग्रेस के समर्थन का भरोसा भी दिलाया।
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उन्होंने कश्मीरी पंडित विस्थापितों को पुरानी स्केल के तहत राशन वितरण पर भी जोर दिया। अधिवेशन की अध्यक्षता विस्थापित प्रकोष्ठ के चेयरमैन हीरा लाल पंडिता ने की थी। इस अवसर पर विनोद कुमार कौल, मोहन लाल पंडिता, मक्खन लाल, देवेंद्र पाल सिंह, राजू पंडिता, राजेश पंडिता आदि भी मौजूद रहे।