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आतंकवादी बनाने लिए अरब देशों से आ रहा हवाला का पैसा

Sun, 28 Jun 2015 04:50 PM IST
Updated Sun, 28 Jun 2015 04:50 PM IST
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kashmiri youths joining militancy; funds flow from gulf

कश्मीर घाटी में सेना के आतंकवाद विरोधी आपरेशनों को सफल बनाने के लिए एक नई चुनौती उठ खड़ी हुई है। कश्मीरी युवाओं को आतंकवादी को रास्ता पकड़वाने के लिए कश्मीर घाटी में खाड़ी देशों के जरिए हवाला का पैसा लाया जा रहा है।

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सुरक्षा विशेषज्ञों की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है। ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ (रॉ) के पूर्व प्रमुख एस एस दुलाट का कहना है,'भविष्य में समस्या पैदा करने वाली स्थिति है और कुछ चीजें बिल्कुल भी सही नहीं लगती हैं।'एस एस दुलाट 1990 के दशक से कई भूमिकाओं में कश्मीर के मामले से जुड़े रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीर में बन रहे इन हालातों पर वहां के अधिकारी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं और राज्य पुलिस नयी चुनौतियों को लेकर परेशान है। ऐसे में सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि आतंकवादी दो छोरों दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर में ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।

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क्यों आतंकवादी बन रहे घाटी के युवा

kashmiri youths joining militancy; funds flow from gulf

आतंकवाद से लड़ रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दक्षिणी कश्मीर में त्राल, बाटापोरा, पंजगांव और यारीपोरा में हिज्बुल मुजाहिदीन की पैठ का गवाह बन रहे हैं, जबकि पालहालन से लेकर सोपोर तक यह आतंकवादी संगठन और जैश-ए-मोहम्मद के कुछ आतंकवादी सक्रिय हैं।

सूत्रों के मुताब‌िक कश्मीर के इन दो छोर में चिंताजनक पहलू यह है कि आतंकवाद का नेतृत्व उन कश्मीरी युवकों के हाथ में है जो हाल ही में आतंकवाद से जुडे हैं।

हाल ही द‌िनों में स्थानीय स्तर पर आतंकवादी संगठनों में युवकों के शामिल होने में कमी आई थी, लेकिन इस साल जनवरी से इसमें अचानक से तेजी दिखी है।

हाल ही में दक्ष‌िणी कश्मीर के कुलगाम जिले के रेडविनी गांव के दो आतंकवादियों का मारा जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिये चौकानें जैसा था। इस हमले में रेडव‌िनी गांव के जावेद अहमद और बुदरू गांव के इदरीस अहमद नेंगरू सेना की मुठभेड़ में मारे गए थे।

मार्च से घाटी से 50 लड़के गायब

kashmiri youths joining militancy; funds flow from gulf

जावेद अहमद एक साल पहले ही आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था, वहीं इदरीस नेगरू ने महीने भर पहले ही आतंकी संगठन में शाम‌िल हुआ था।

इस साल मार्च से घाटी से कथित तौर पर करीब 50 लड़के गायब हुए हैं। इनमें अवंतीपुरा से 15, कुलगाम से नौ, शोपियां से सात, अनंतनाग से आठ और उत्तरी कश्मीर से 11 लड़के हैं।

इन लापता लड़कों का ताल्लुक आम मध्य वर्ग परिवारों से है और उनको कश्मीर में आतंकवाद का नया चेहरा कहा जा रहा है और माना जा रहा है कि हथियारों की आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा,'अब तक इलाके में आठ एके रायफल की तस्करी की गई है और इसकी पूरी आशंका है कि आने वाले समय में और अधिक हथियारों की आपूर्ति होगी।'

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