गुस्से में कश्मीरी पंडित: सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा करने में विफल, जम्मू में प्रदर्शन कर आवाज की बुलंद
आल माइग्रेंट इंप्लाइज एसोसिएशन कश्मीर के बैनर तले कश्मीर संभाग के विभिन्न विभागों में पीएम पैकेज के तहत नियुक्ति कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर हमारे लिए सुरक्षित नहीं है। सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा करने में विफल रही है।
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सरकार कश्मीर घाटी में कर्मचारियों को सुरक्षा देने में विफल रही है। यह आरोप घाटी में पीएम पैकेज के तहत तैनात कश्मीरी पंडितों ने प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर लगाया है। साथ ही स्थिति सामान्य होने तक जम्मू संभाग में ही तैनाती देने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि अब कश्मीर में पंडित या हिंदू बलि का बकरा नहीं बनेंगे।
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया
सोमवार को आल माइग्रेंट इंप्लाइज एसोसिएशन कश्मीर के बैनर तले कश्मीर संभाग के विभिन्न विभागों में पीएम पैकेज के तहत नियुक्ति कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर हमारे लिए सुरक्षित नहीं है। सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा करने में विफल रही है।
वर्तमान हालात में पंडितों की वापसी नहीं हो सकती
जब तक सुरक्षित वातावरण नहीं बनेगा तब तक घाटी में काम नहीं कर सकते हैं। कश्मीर में कर्मचारियों को बंदी बनाकर रखा गया है। घाटी के वर्तमान हालात में पंडितों की वापसी नहीं हो सकती है। जब तक सरकार मांगें पूरी नहीं करेगी, तब तक वापस नहीं जाएंगे।
मौजूदा माहौल में काम करना संभव नहीं
सरकार ने संभागीय कैडर दिया है, लेकिन वह भी कश्मीर में ही है। वहां पर कर्मचारी कार्यालयों में भी सुरक्षित नहीं है। सरकार सुरक्षित जोन में रखने की बात करती है, लेकिन कश्मीर में कोई भी ऐसी जगह नहीं है। वर्तमान सरकार कश्मीरी पंडित की परेशानियों के प्रति संवेदनशील है, लेकिन मौजूदा माहौल में काम करना संभव नहीं है।