फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   kashmir victims reached jammu safely

पढ़ें, कश्मीर की तबाही से जिंदा बचकर लौटे लोगों की कहानी

Wed, 10 Sep 2014 01:09 PM IST
Updated Wed, 10 Sep 2014 01:09 PM IST
विज्ञापन
kashmir victims reached jammu safely

आंखों में आंसू और अपनों से मिलने की खुशी दोनों साथ-साथ... कुछ ऐसा नजारा उस समय देखने को मिला, जब घाटी से एयरलिफ्ट कर जम्मू पहुंचाए लोग अपनों से मिले। घाटी से बचकर आए लोगों को अपना सब कुछ उजड़ने का दुख तो था ही, बच कर अपनों से मिलने की खुशी भी झलक रही थी।

विज्ञापन


सेना और एयर फोर्स के जवानों द्वारा घाटी के विभिन्न इलाकों में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट कर जम्मू पहुंचाया गया। लोग जब अपने रिश्तेदारों से मिले तो बस रुंधे स्वर से यही कहे जा रहे थे कि सब कुछ बर्बाद हो गया। अपनी आंखों के सामने कई लोगों को मरता देखकर अभी भी उनके जेहन से वह दर्द भरा मंजर भूल नहीं रहा था।
विज्ञापन


सतवारी स्थित तकनीकी एयर फोर्स स्टेशन पर घाटी के कई इलाकों से काफी संख्या में लोगों को एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया। भठिंड़ी से आई फिरदौस ने जब अपनी बेटी और नातिन को एयर फोर्स स्टेशन गेट पर सकुशल देखा तो खुशी से आंखों में आंसू और चेहरे पर हलकी सी मुस्कान लौट आई जो कुछ घंटे पहले अपनी बेटी और नाती नातिन से मिलने के लिए तड़प रही थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

चार द‌िन सीने से लगाकर रखी छह माह की बच्ची

kashmir victims reached jammu safely

बेमीना से अपने चार साल के बेटे और छह महीने की बेटी के साथ सकुशल लौटी सब इंस्पेक्टर मेहनाज कौसर ने बताया कि वह अपने पति और बच्चों के साथ बाढ़ के सैलाब में सरकारी क्वार्टर में चार दिन तक फंसे रहे। पूरे इलाके में बीस फुट तक पानी भरा था। कौसर ने बताया कि वह अपने बच्चों को लेकर इमारत की छत पर चढ़कर अपनी जान बचाने की गुहार लगाए जा रही थी।

उन्होंने बताया कि सेना के जवानों ने नाव के सहारे इमारत से बाहर निकालकर गवर्नर हाउस पहुंचाया और विमान में बैठाकर एयरलिफ्ट कर जम्मू पहुंचाया। बेमीना से ही लौटीं अन्य सब इंस्पेक्टर अनु दत्ता ने बताया कि बीस फुट तक गहरा पानी था और वह अपने बचने की उम्मीद खो बैठी थीं।

राजबाग में नहीं पहुंच पा रही रेस्क्यू टीम

kashmir victims reached jammu safely

सचिवालय में कार्यरत सरकारी मुलाजिम मो. अशरफ, उनकी पत्नी नसरीना अशरफ ने बताया कि वह सोनावर इलाके में बाढ़ में फंस गए थे। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने उन्हें पास ही के इलाके में स्थित सरकारी स्कूल में पहुंचाया था। वहीं पर उन्हें सेना के जवानों ने खाने-पीने की सुविधा मुहैया करवा दी थी।

नसरीना ने बताया कि वह कल शाम को गवर्नर हाउस पहुंचे थे। घाटी के इंदिरा नगर से लौटी हैपी जंगराल, रमीका, बुजुर्ग सुलखन कौर और इश्पाक सिंह ने बताया कि इंदिरा नगर और राजबाग में कोई भी रेस्क्यू टीम नहीं पहुंच पा रही है।

उन्होंने बताया कि वह लोगों के साथ मिलकर खुद ही पैदल चलकर ऊंची जगह पर पहुंचे और पैदल चलकर सेना द्वारा बनाए रिलीफ कैंप में पहुंचकर गवर्नर हाउस पहुंचे और वहां से एयरलिफ्ट कर आज जम्मू अपने घर वालों से मिल पाए हैं।

'छोटे बच्चों से लेकर नौजवानों को दम तोड़ते देखा है'

kashmir victims reached jammu safely

शिवपोरा से लौटे बुजुर्ग दंपति मोती लाल, ललिता ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने छोटे बच्चों से लेकर नौजवानों को दम तोड़ते देखा है। पूरे इलाके में तबाही के मंजर के अलावा कुछ भी नहीं बचा है।

घाटी से लौट रहे लोग मांग कर रहे थे कि जल्द से जल्द घाटी और अन्य इलाकों में फंसे लोगों को एयर लिफ्ट कर सुरक्षित लाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed