पैसों की गड़बड़ी, सरेंडर के शक में हुई थी आतंकी की हत्या
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बारामुला से मृतक आतंकी के सहयोगी सहित तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस ने दावा किया है कि हत्या के पीछे पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी और पुलिस के सामने सरेंडर की आशंका मुख्य वजह रही।
हिजबुल मुजाहिदीन तंजीम के आतंकी की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। बारामुला से मृतक आतंकी के सहयोगी सहित तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस ने दावा किया है कि हत्या के पीछे पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी और पुलिस के सामने सरेंडर की आशंका मुख्य वजह रही।
एचएम के सक्रिय आतंकी फयाज अहमद भट उर्फ शौकत का शव बारामुला के कुंजर क्षेत्र के देवबग गांव में एक बाग से 19 सितंबर को बरामद किया था। फोटो-सोशल मीडिया
फयाज ने पैसों की गड़बड़ी की थी
पुलिस ने छानबीन का हवाला देते हुए बताया कि पूर्व आतंकी से फिर आतंकी बने तारीक अहमद वार उर्फ जावेद ने फयाज को मौत के घाट उतारने के लिए हिजबुल के आतंकी बिलाल अहमद भट, निसार अहमद और इश्फाक अहमद लोन के साथ मिलकर साजिश रची।
साजिश में लिप्त आतंकियों को शक था कि फयाज ने पैसों की गड़बड़ी की है और वह पुलिस के सामने सरेंडर करने की योजना बना रहा है। इसी बिनाह पर फयाज को दवबग गांव ले जाया गया जहां पर फयाज की गोली मार कर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने बताया कि 21 अक्तूबर को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया आतंकी निसार अहमद वानी फयाज हत्याकांड के दौरान जवाबी फायरिंग में घायल हुआ था। बाद में उसे मुठभेड़ में मार गिराया गया।
पुलिस ने फयाज के शव को शिफ्ट करने के लिए इस्तेमाल हुए वाहन को जब्त कर तारिक अहमद वार, सजाद अहमद शेख और इरफान गनई को हिरासत में लेकर आतंकी बिलाल अहमद भट और इश्फाक अहमद वानी की तलाश शुरू कर दी है।