आतंकवाद पर साल का पहला प्रहार: सुरक्षाबलों ने मार गिराया एक दहशतगर्द, घुसपैठ की कोशिश नाकाम
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए एक दहशतगर्द को मार गिराया है।
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पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। शनिवार को सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश हुई। आतंकियों की इस साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया और आतंकी को मार गिराया। घाटी में आतंकियों के सफाये के लिए चल रहे ऑपरेशन ऑल आउट के तहत जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ सुरक्षाबलों ने कड़ा प्रहार करते हुए कई नामी गिरामी कमांडरों ओर पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया है। टारगेट किलिंग की घटनाओं पर गृह मंत्रालय के सख्त रवैये के बाद दहशतगर्दों को खोज खोजकर ढेर किया जा रहा है। दक्षिणी कश्मीर में मजबूत पकड़ रखने वाले हिजबुल मुजाहिदीन का नेटवर्क समाप्त हो गया है। उसे संगठन के लिए कैडर नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2021 में विभिन्न आतंकी तंजीमों के 44 टॉप कमांडरों समेत 182 दहशतगर्दों का सुरक्षाबलों ने काम तमाम किया है।
आईएसआई ने जैश व लश्कर-ए-तैयबा को हमलों की सौंपी कमान
कमांडरों में लश्कर-ए-तैयबा के 26 व जैश के 10 हैं। अकेले 29 व 30 दिसंबर को तीन स्थानों (कुलगाम, अनंतनाग व श्रीनगर) पर मुठभेड़ में जैश के नौ आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। इनमें दो पाकिस्तानी आतंकी भी थे। श्रीनगर को ठिकाना बनाने की आतंकियों की साजिश को सुरक्षाबलों ने विफल कर लश्कर-ए-तैयबा और जैश के मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए मददगारों को गिरफ्तार किया। सूत्रों का कहना है कि हिजबुल की पकड़ कमजोर होने के बाद पाकिस्तानी आकाओं और आईएसआई ने जैश व लश्कर-ए-तैयबा को वारदातों की कमान सौंपी।