पाक कुछ भी कर ले, कश्मीर उसे नहीं मिलने वाला: फारूक
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नेशनल कांफ्रेंस के नेता तथा जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने इस मत को खारिज कर दिया कि परमाणु युद्ध की धमकी से कश्मीर का मसला सुलझ जाएगा।
उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं रहा है और विवाद के निपटारे के लिए बातचीत ही सबसे बेहतर तरीका है।
उन्होंने स्वीकार किया कि जहां तक भारत और पाकिस्तान की बात है तो कश्मीर एक प्रमुख एजेंडा है लेकिन इसके लिए कुछ बिंदुओं पर आपसी सहमति के लिए दोनों देशों के बातचीत होना महत्वपूर्ण है।
अब्दुल्ला ने कहा कि युद्ध या परमाणु बम की धमकी और यह कहना कि हमारे पास परमाणु बम है, इस समस्या का समाधान नहीं कर सकता।
चाहे कुछ भी हो जाए सीमाएं नहीं बदलेंगी
कुछ मसलों पर दोनों देशों के बीच सहमति के लिए जरूरी है कि दोनों देशों के बीच बातचीत हो। एक बात तो बिल्कुल स्पष्ट है कि चाहे कुछ भी हो जाए सीमाएं नहीं बदलेंगी। अब्दुल्ला ने ये बातें ‘ए कनवर्सेशन ऑन जम्मू एंड कश्मीर’ प्रोग्राम में शिरकत करते हुए कही थी। इस प्रोग्राम में रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुल्लत भी शामिल थे जिन्होंने ‘कश्मीर : द वाजपेयी ईयर्स’ पुस्तक लिखी है।
अब्दुल्ला ने कहा, ‘पाकिस्तान भले एड़ी-चोटी का जोर लगा ले लेकिन उसे कश्मीर कभी नहीं मिलने वाला है। ऐसा कभी नहीं होने जा रहा है। वे यह क्यों नहीं सोचते कि संघर्ष में दोनों तरफ मुस्लिमों की ही मौत हो रही है। वे हम पर बम बरसाएंगे और हम उन पर।
इसमें निर्दोष लोगों की जानें जाएंगी। कब तक? 65 साल हो चुके हैं। बहुत हो चुका। हम भारत और पाकिस्तान दोनों को यही कहना चाहेंगे कि अब बहुत हो चुका। दुख में रहने की बजाए दोनों देश साथ मिल कर आगे बढ़ें।’