एवरेस्ट पर्वत पर चढ़ाई करने गई कश्मीरी महिला की नेपाल में मौत
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नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के जख्म लगातार गहराते जा रहे हैं। जैसे-जैसे बचाव कार्य आगे बढ रहा है वैसे-वैसे एक के बाद एक दिल दहला देने वाली खबरें सामने आ रही हैं। नेपाप में आए इस भूकंप में कई बड़ी हस्तियों की जाने चली गई हैं।
जम्मू कश्मीर में जन्मी रेनू पिछले दिनों आस्ट्रेलिया से भारत घूमने आई थी। इसके बाद रेनु एवरेस्ट पर्वत पर चढ़ाई करने के लिए नेपाल गई थीं। 49 साल की रेनू फोतेदार की भी भूकंप के बाद आए हिमस्खलन में मौत हो गई।
भारतीय मूल की पर्वतारोही की ये एवरेस्ट पर पहली यात्रा थी। वह श्रीनगर की रहनेवाली थीं और फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में बस चुकी थीं। अन्य कश्मीरी पंडितों की ही तरह वह भी घाटी छोड़ने को मजबूर हुई थीं और ऑस्ट्रेलिया जाने से पूर्व वह दिल्ली में ही रहती थीं।
कुछ साल पहले ही बिजनेसमैन लोकेश फोतेदर से रेनु की शादी हुई थी जिसके बाद वह आस्ट्रेलिया शिफ्ट हो गई थी। उन्होंने तंजानिया स्थित माउंट किलिमंजारो पर फतह हासिल की थी और अब माउंट एवरेस्ट पर पहुंचना चाहती थीं। उनके रिश्तेदार आशीष कौल ने मुंबई से उनके बारे में ये जानकारी साझा की।
ट्रैकिंग का शौक रखती थी रेनु फोतेदार
नेपाल में रेनु ने ड्रीमर डेस्टीनशन कंपनी की सेवाए ली थी। कंपनी ने उनकी मौत की खबर की पुष्टि कर दी है। कंपनी का कहना की वह उनके शव को काठमांडू लाने की कोशिश कर रही हैं।
रेनु फोतेदार के सोशल मीडिया प्रोफाइल के के मुताबिक यूनिवर्सिटी ऑफ़ वोलोंगॉन्ग से एमबीए की डिग्री हासिल की थी। 2005 में वह अपने पति के साथ आस्ट्रेलिया में बिजनेस सेट करने आ गई थी।
कश्मीर में जन्मी रेनु को शुरु से घूमने का बहुत शौक था। हाल ही में रेनु स्विट्जरलैंड व्यवहार विज्ञान और आध्यात्मिक उपचार पर अपने बिजनेस सेट करने के लिए गई थीं। रेनु फोतेदार की मित्र के अनुसार वह एक आध्यात्मिक महिला थी।