JKP SI Exam Scam: आरोपी बीएसएफ कमांडेंट ने परीक्षा से एक दिन पहले तीन बार की थी बात
सीबीआई ने सीजेएम को बताया कि करनैल सिंह एक प्रभावी व्यक्ति है। जिस कारण इसे जमानत देने से इस मामले की जांच प्रभावित हो सकती है।
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सीबीआई की आपत्ति के बाद सीजेएम ने सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी बीएसएफ कमांडेंट करनैल सिंह की जमानत याचिका को रद कर दिया है। पेश किए गए दस्तावेजों में सीबीआई ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इसमें बताया गया है कि मुख्य आरोपी की परीक्षा के एक दिन पहले मोबाइल फोन पर तीन बार चयन सेवा बोर्ड के कंट्रोलर अशोक शर्मा से बात हुई थी।
साथ ही उसी दिन वह बोर्ड के कार्यालय भी गया था। यह सब आरोपी की काल डिटेल से पता चला है। वहीं, वह अभ्यर्थियों को लेकर करनाल (हरियाणा) स्थित निलोखेरी गया था। जहां उसे पेपर दिया गया। करनैल सिंह के बेटे शुभम काला को जम्मू में दलाल जगदीश शर्मा ने पेपर उपलब्ध कराया था।
वहीं, सीबीआई ने स्पष्ट किया कि आरोपी को जमानत दी गई तो जांच प्रभावित हो सकती है। दलीलों और दस्तावेजों को देखने के लिए सीजेएम अमरजीत सिंह लंगेह ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
सीबीआई ने कोर्ट में बताया कि 27 मार्च को सुबह दलाल जगदीश शर्मा और करनैल के अधिकारिक वाहन चालक अजय कुमार की आपस में बात हो रही थी। अजय कुमार ने उसी दिन करनैल के बेटे शुभम काला, जगदीश शर्मा और पारस शर्मा को जम्मू के एक होटल से उठाया और उन्हें आधिकारिक वाहन से करनैल सिंह के घर छोड़ा।
आरोपी ने अपने अधिकारिक वाहन की लाग बुक का रिकार्ड भी मिटा दिया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी के घर पर तीन अभ्यर्थियों ने पेपर दिया था। काल डिटेल से पता चला है कि करनैल सिंह लगातार दलाल जगदीश शर्मा और विजय कुमार के संपर्क में था। 27 मार्च को परीक्षा के दिन इनमें लगातार बात हो रही थी। करनैल ने परीक्षा के एक दिन पहले सेवा चयन बोर्ड के कंट्रोलर अशोक कुमार को तीन बार मोबाइल पर फोन किया। वह एक दिन पहले बोर्ड के कार्यालय भी गया था।
शुभम काला की ओएमआर शीट के हस्ताक्षर में भी फर्क
जांच रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि करनैल के बेटे शुभम काला की ओएमआर शीट पर निरीक्षक के जो हस्ताक्षर हैं वो हाजिरी शीट से मेल नहीं खाते हैं। करनैल सिंह ने अपने बेटे और खुद के मोबाइल फोन का डाटा भी डिलीट कर दिया था। इतना ही नहीं अपने घर में लगे सीसीटीवी की टाइमिंग को भी डिलीट कर दी थी। इससे उसने इस अपराध को छिपाने की कोशिश की है।
करनैल प्रभावी आदमी, उसे जमानत देना सही नहीं
सीबीआई ने सीजेएम को बताया कि करनैल सिंह एक प्रभावी व्यक्ति है। जिस कारण इसे जमानत देने से इस मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। आरोपी ने जिस तरह से इस मामले की साजिश रची और जानबूझ कर सबूतों को मिटाने का प्रयास किया है। इससे पता चलता है कि उसका प्रभाव मामले की जांच को बाधित कर सकता है।
बेटे ने गवाहों को गवाही देने से रोकने का प्रयास किया
सीजेएम अमरजीत सिंह ने कहा जिस तरह से आरोपी के बेटे शुभम काला पर सीबीआई ने आरोप लगाया है कि उसने गवाहों पर करनैल सिंह के खिलाफ गवाही न देने का दबाव बनाया। गवाही देने से रोकने का प्रयास किया गया। यह सब बताता है कि आरोपी एक प्रभावी आदमी है और उसके परिवार का प्रभाव गवाहों पर इस्तेमाल किया जा रहा है।