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जम्मू-कश्मीर: दागी कंपनी से भर्ती परीक्षा कराने के खिलाफ प्रदर्शन, जेकेएसएसबी और एलजी प्रशासन के प्रति आक्रोश
Thu, 02 Feb 2023 04:00 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 02 Feb 2023 04:00 PM IST
सार
अभ्यर्थियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड ने पूर्व में धोखाधड़ी से कुछ भी नहीं सीखा है। ब्लैक लिस्टेड कंपनी को परीक्षा लेने का जिम्मा दिया है जो विभिन्न राज्यों में आयोजित 10 से अधिक भर्ती परीक्षाओं में कदाचार में लिप्त थी।
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जम्मू में प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूथ अगेंस्ट करप्शन (वाईएसी) ने जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड द्वारा ब्लैक लिस्टेड कंपनी के माध्यम से महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा आयोजित करने के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता बनाए रखने में विफलता के लिए जेकेएसएसबी और एलजी प्रशासन के खिलाफ रोष जताया।
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जेकेएसएसबी और एप्टेक कंपनी द्वारा परीक्षा आयोजित करने के खिलाफ पुंछ में भी इसी तरह का विरोध प्रदर्शन किया गया। अभ्यर्थियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड ने पूर्व में धोखाधड़ी से कुछ भी नहीं सीखा है। ब्लैक लिस्टेड कंपनी को परीक्षा लेने का जिम्मा दिया है जो विभिन्न राज्यों में आयोजित 10 से अधिक भर्ती परीक्षाओं में कदाचार में लिप्त थी।
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अभ्यर्थियों ने कहा कि हमने अपनी भर्तियों को एक निजी दागी फर्म के हाथों में नहीं देने के लिए जेकेएसएसबी से गुहार लगाई थी लेकिन उन्होंने हमारी दलील को अनसुना कर दिया। इसके बाद जब उम्मीदवारों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और कंपनी के खिलाफ हमारे पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया तो पूरा जेकेयूटी प्रशासन फैसले पर रोक लगाने के लिए डबल बेंच के पास चला गया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि जेकेयूटी प्रशासन युवाओं के साथ खड़े होने के बजाए एक दागी फर्म को संरक्षण दे रहा है। कार्तिक भगत और सतबीर मन्हास ने जेकेयूटी प्रशासन की ईमानदारी पर कई सवाल उठाए। सुशील कुमार ने कहा कि जेकेएसएसबी की अधिसूचना के अनुसार जो उत्तर कुंजी 30 दिसंबर को जारी होनी थी वह 28 दिसंबर को व्हाट्सएप पर वायरल हो गई।
उन्होंने कहा कि इस कंपनी ने पहले भी अन्य राज्यों में इसी प्रणाली से पेपर लीक किया है क्योंकि सीबीटी (कंप्युटर बेस्ड टेस्ट) परीक्षा की उत्तर कुंजी प्रश्न पत्र के साथ बनाई जाती है और इस बात की पूरी संभावना है कि उत्तर कुंजी उन लोगों के पास लीक हो गई जिन्होंने पेपर के लिए मोटी रकम का भुगतान किया था।
अभ्यर्थियों ने सरकारी भर्तियों में दागी निजी कंपनियों की भूमिका को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने यह भी जांच करने की मांग की कि किन अधिकारियों और किन शर्तों के तहत यह जानते हुए भी कि यह कई बार इस तरह के कदाचार में शामिल है, ब्लैक लिस्टेड कंपनी को फिर से टेंडर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने एलजी प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि आखिर क्यों एक ब्लैक लिस्टेड निजी कंपनी के माध्यम से महत्वपूर्ण परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस दौरान रोहित, रौनक, साक्षर, मोइन, नासिर, रमणीक,रजत, अजय, आदित्य, माणिक, आकिब, नजीम, शाकिब और अन्य मौजूद रहे।