तीसरी बार जारी हुए बुलेट प्रूफ जैकेट के टेंडर
रियासत के आठ जिलों में पुलिस कर्मियों को बुलेट प्रूफ जैकेट और पटके मिलने का मामला लटकता ही जा रहा है। अब तक राज्य पुलिस तीन बार इसके लिए टेंडर कर चुकी है, लेकिन अब तक इनकी खरीद ही नहीं हो पा रही।
पहली बार सैंपल फेल हो जाने के बाद दूसरी बार मात्र एक कंपनी टेंडर में पास हुई। दोनों ही बार खरीद नहीं हो पाई। अब तीसरी बार फिर से टेंडर किए गए हैं। अबकी बार टेंडर नई शर्तों के साथ जारी किए गए हैं। 17 दिसंबर, 2015 तक इसकी टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी।
उल्लेखनीय है कि कंप्ट्रोलर आडिटर जनरल (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा करते हुए बताया था कि रियासत के आठ जिलों के 64 पुलिस स्टेशनों में तैनात 2865 पुलिस कर्मियों के पास बुलेट प्रूफ जैकेट और बुलेट प्रूफ पटके नहीं हैं। इसके बाद सुप्रीमकोर्ट ने राज्य सरकार को तत्काल प्रभाव से इसकी खरीद करने के लिए कहा।
दो बार फेल हो चुके हैं सैंपल
पुलिस ने 500 पटके और 500 बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदने का निर्णय लिया गया। पहली बार पुलिस ने इसके लिए टेंडर जारी किए। इसमें जिस कंपनी को टेंडर दिया गया, उसके सैंपल टेस्ट में फेल हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोबारा टेंडर जारी किए।
एआईजी प्रोविजन जुनैद हैदर का कहना है कि दूसरी बार के टेंडर में एक ही कंपनी ने क्वालीफाई किया, इसकी वजह से उसे टेंडर नहीं दिया गया। अब दोबारा से टेंडर किए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी प्रक्रिया हो जाएगी और इस बार इसकी खरीद में कोई अड़चन नहीं आएगी। बताते चलें कि तीन बार की टेंडरिंग के बाद भी इनकी खरीद नहीं हो पा रही।
नए नियमों के साथ टेंडर
एआईजी का कहना है कि केंद्र के नए दिशा-निर्देश के तहत टेंडर में कुछ संशोधन भी किया गया है। इसके इस्तेमाल किए जाने वाले में बदलाव किया गया है।