JK पुलिस ने हड़पे ट्रांसपोर्टरों के करोड़ों रुपए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव में चुनाव ड्यूटी के लिए इस्तेमाल किए गए वाहनों के मालिकों के करोड़ों रुपए पर पुलिस ने कुंडली मार ली है। इस राशि को जारी नहीं किया जा रहा। ट्रांसपोर्टरों ने इसे लेकर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है।
इसकी शुरूआत सोमवार को ट्रांसपोर्टरों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर शुरू कर दी। ट्रांसपोर्टरों का एक दल आईजीपी से भी मिला। यहां पैसा जारी करने की मांग की गई। ट्रांसपोर्टरों ने पैसा न मिलने पर सड़कों पर उतरने की पुलिस को खुली चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार विधानसभा चुनाव में राज्य पुलिस ने रियासत के लिए 4600 वाहन ट्रांसपोर्टरों से लिए। इसमें हर एक वाहन का अलग अलग रेट तय किया गया।
ट्रांसपोर्टरों के साथ पुलिस ने की धांधली
ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि वाहन लेते वक्त पुलिस ने जो रेट बताया था, उसके आधार पर पैसे नहीं दिए जा रहे। यहां तक पुलिस अपने तय किए गए दाम पर भी पैसा जारी नहीं कर रही। हर एक वाहन चालक का पुलिस पर एक लाख रुपए बकाया है।
ट्रांसपोर्टरों ने इसकी जानकारी राज्य पुलिस महा निदेशक को भी दी। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि जब इस मामले को लेकर डीजीपी के पास लेकर पहुंचे तो उन्होंने भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई। डीजीपी ने कहा कि वह भी उनके साथ प्रदर्शन करेंगे।
ट्रांसपोर्टरों ने यह भी आरोप लगाया है कि इसे लेकर एसएसपी से लेकर डीजीपी तक के अधिकारियों को सूचित कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांग की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
ट्रांसपोर्टर अपनी मांग को लेकर आईजीपी कार्यालय भी पहुंचे। यहां आईजीपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा।