{"_id":"607b2a468ebc3ed8347eec2f","slug":"jk-partnership-plan-will-be-better-model-lg-jammu-city-news-jmu23367966","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर भागीदारी योजना का बेहतर मॉडल बनेगा : एलजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर भागीदारी योजना का बेहतर मॉडल बनेगा : एलजी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि जिला विकास योजनाओं के कार्यान्वयन और नींव प्रक्रिया में जन भागीदारी को सुनिश्चित बनाया जाएगा। डीडीसी, बीडीसी और ग्राम सेवाओं के साथ नियमित संवाद, क्षेत्रीय संतुलन, निधियों का समान वितरण किया जाएगा। जम्मू कश्मीर को विकेंद्रीकरण और जमीनी स्तर पर भागीदारी योजना का सबसे अच्छा मॉडल बनाने पर काम किया जाएगा।
पिछले साल की तुलना में कई गुना अधिक इस वर्ष समग्र जिलों की योजना के लिए 12599.33 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। उपराज्यपाल ने शनिवार को उपायुक्तों के साथ बैठक कर जिला विकास योजनाओं के प्रभावी निर्माण पर चर्चा की। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करते हुए एलजी ने कहा कि जिला विकास परिषदों के गठन के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जिला विकास योजनाओं का महत्व और बढ़ गया है। लोगों को सशक्त बनाने और त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक जीवंत बनाने की कोशिश की जा रही है। जिला विकास योजनाएं बनाने में उपायुक्त जनता और उनके प्रतिनिधियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित बनाएं। इसमें तीस लाख लोगों और एक तिहाई महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। स्थानीय आबादी की जरूरतों के अनुसार सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्य योजनाओं में शामिल करें। इन योजनाओं में उच्च प्रभाव और उच्च कार्यान्वयन प्राप्त करने के लिए एक मासिक मूल्यांकन और परिणाम रूपरेखा विकसित करने की जरूरत है। बेहतर परिणाम के लिए उपायुक्तों और जिला अधिकारियों को सलाह के लिए एक वरिष्ठ सचिव दिया जाएगा। सौ फीसदी भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। बताया गया कि प्रति पंचायत में 23.30 लाख रुपये की दर से पीआरआई अनुदान, प्रति ब्लॉक 25 लाख रुपये की दर से बीडीसी अनुदान और चालू वित्त वर्ष के लिए प्रति जिला एक करोड़ रुपये पर डीडीसी अनुदान का बजट रखा गया है।
जिला विकास योजनाओं में ब्लॉक डेवलपमेंट प्लान शामिल होंगे
जिला विकास योजनाओं में ब्लॉक डेवलपमेंट प्लान शामिल किए जाएंगे, जो ब्लॉक स्तर पर आवश्यक मुद्दों की सूची को पूरा करेंगे। ब्लॉक स्तर पर योजना यह सुनिश्चित करेगी कि विभिन्न पंचायतों के बीच के मुद्दों को संबोधित किया जाए, यहां एक से अधिक पंचायत शामिल हैं। जमीनी स्तर पर पंचायत विकास योजनाओं को ग्राम सभाओं में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
संभावित पर्यटन क्षेत्रों की पहचान होगी
एलजी ने उपायुक्तों को पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संबंधित जिलों में संभावित पर्यटन क्षेत्रों की पहचान करने को कहा है, ताकि उन्हें विकसित करके पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। जल जीवन मिशन के तहत 100 फीसदी पाइप जलापूर्ति के साथ 11 और जिलों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य पेयजल योजना के एक महत्वपूर्ण घटक का काम करेगा। जिला स्वास्थ्य योजनाओं में दूरदराज क्षेत्रों की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
कृषि, बागवानी, मत्स्य, डेयरी, पशुपालन में संभावनाएं
एलजी ने कहा कि कृषि, बागवानी, मत्स्य, डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं हैं। लोगों की जरूरतों के अनुसार स्पष्ट योजनाओं को विकसित करके किसानों की आय को तीन से चार गुणा बढ़ाया जा सकता है। ठोस जिला सड़क संपर्क योजना तैयार करने को भी कहा गया।
जॉब कार्ड धारकों को रोजगार मिले
एलजी ने कहा कि प्रत्येक जिला सुनिश्चित करेगा कि जिला रोजगार योजना के तहत जाब कार्ड धारकों के वर्ष के दौरान 100 दिन का रोजगार मिले और इसे उपायुक्तों का प्रदर्शन संकेतक माना जाएगा। पंचायतों में स्वरोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं की पहचान की जाए। उन्हें चालू योजनाओं में वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।
विज्ञापन
पिछले साल की तुलना में कई गुना अधिक इस वर्ष समग्र जिलों की योजना के लिए 12599.33 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। उपराज्यपाल ने शनिवार को उपायुक्तों के साथ बैठक कर जिला विकास योजनाओं के प्रभावी निर्माण पर चर्चा की। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करते हुए एलजी ने कहा कि जिला विकास परिषदों के गठन के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जिला विकास योजनाओं का महत्व और बढ़ गया है। लोगों को सशक्त बनाने और त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक जीवंत बनाने की कोशिश की जा रही है। जिला विकास योजनाएं बनाने में उपायुक्त जनता और उनके प्रतिनिधियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित बनाएं। इसमें तीस लाख लोगों और एक तिहाई महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। स्थानीय आबादी की जरूरतों के अनुसार सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्य योजनाओं में शामिल करें। इन योजनाओं में उच्च प्रभाव और उच्च कार्यान्वयन प्राप्त करने के लिए एक मासिक मूल्यांकन और परिणाम रूपरेखा विकसित करने की जरूरत है। बेहतर परिणाम के लिए उपायुक्तों और जिला अधिकारियों को सलाह के लिए एक वरिष्ठ सचिव दिया जाएगा। सौ फीसदी भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। बताया गया कि प्रति पंचायत में 23.30 लाख रुपये की दर से पीआरआई अनुदान, प्रति ब्लॉक 25 लाख रुपये की दर से बीडीसी अनुदान और चालू वित्त वर्ष के लिए प्रति जिला एक करोड़ रुपये पर डीडीसी अनुदान का बजट रखा गया है।
विज्ञापन
जिला विकास योजनाओं में ब्लॉक डेवलपमेंट प्लान शामिल होंगे
जिला विकास योजनाओं में ब्लॉक डेवलपमेंट प्लान शामिल किए जाएंगे, जो ब्लॉक स्तर पर आवश्यक मुद्दों की सूची को पूरा करेंगे। ब्लॉक स्तर पर योजना यह सुनिश्चित करेगी कि विभिन्न पंचायतों के बीच के मुद्दों को संबोधित किया जाए, यहां एक से अधिक पंचायत शामिल हैं। जमीनी स्तर पर पंचायत विकास योजनाओं को ग्राम सभाओं में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
संभावित पर्यटन क्षेत्रों की पहचान होगी
एलजी ने उपायुक्तों को पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संबंधित जिलों में संभावित पर्यटन क्षेत्रों की पहचान करने को कहा है, ताकि उन्हें विकसित करके पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। जल जीवन मिशन के तहत 100 फीसदी पाइप जलापूर्ति के साथ 11 और जिलों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य पेयजल योजना के एक महत्वपूर्ण घटक का काम करेगा। जिला स्वास्थ्य योजनाओं में दूरदराज क्षेत्रों की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
कृषि, बागवानी, मत्स्य, डेयरी, पशुपालन में संभावनाएं
एलजी ने कहा कि कृषि, बागवानी, मत्स्य, डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं हैं। लोगों की जरूरतों के अनुसार स्पष्ट योजनाओं को विकसित करके किसानों की आय को तीन से चार गुणा बढ़ाया जा सकता है। ठोस जिला सड़क संपर्क योजना तैयार करने को भी कहा गया।
जॉब कार्ड धारकों को रोजगार मिले
एलजी ने कहा कि प्रत्येक जिला सुनिश्चित करेगा कि जिला रोजगार योजना के तहत जाब कार्ड धारकों के वर्ष के दौरान 100 दिन का रोजगार मिले और इसे उपायुक्तों का प्रदर्शन संकेतक माना जाएगा। पंचायतों में स्वरोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं की पहचान की जाए। उन्हें चालू योजनाओं में वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।