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जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट: सरकारी आवास पर कब्जा जमाए 53 पूर्व विधायक और मंत्रियों के बारे में बताएं
Thu, 02 Mar 2023 01:23 AM IST
विमल शर्मा
जेएनएफ, जम्मू
जेएनएफ, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 02 Mar 2023 01:23 AM IST
सार
एडवोकेट शेख शकील अहमद ने अदालत में बताया कि एस्टेट विभाग ने ताजा रिपोर्ट पेश की है। उसमें बताया गया है कि 53 लोगों ने अभी भी सरकारी आवासों पर कब्जा कर रखा है। इनके नाम रिपोर्ट में नहीं बताए गए हैं।
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अदालत
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हाईकोर्ट ने एस्टेट विभाग को सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए 53 पूर्व मंत्रियों एवं विधायकों का विवरण अदालत के सामने रखने का निर्देश दिए हैं। यह निर्देश बुधवार को मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह और न्यायाधीश संजीव कुमार वाली खंठपीठ ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए।
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खंडपीठ ने एडीजीपी सुरक्षा की अध्यक्षता वाली नामित समिति की सिफारिशें भी सुनवाई की अगली तारीख तक या उससे पहले तलब की हैं। क्योंकि एस्टेट विभाग ने उक्त 53 लोगों को अभी तक आवास न खाली करने की वजह उक्त समिति की सिफारिश बताया है।
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छह अप्रैल को मामले पर फिर से सुनवाई होगी। एडवोकेट शेख शकील अहमद ने अदालत में बताया कि एस्टेट विभाग ने ताजा रिपोर्ट पेश की है। उसमें बताया गया है कि 53 लोगों ने अभी भी सरकारी आवासों पर कब्जा कर रखा है। इनके नाम रिपोर्ट में नहीं बताए गए हैं।
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विभाग ने इन 53 अनधिकृत कब्जाधारियों के लिए दोहरा मानदंड अपनाया है और एडीजीपी सुरक्षा की अध्यक्षता वाली नामित समिति की सिफारिशों के आधार पर उनके निष्कासन को रोक दिया है। शकील ने हाल ही में पूर्व सांसद लाल सिंह को लेकर सरकार के उस फैसले का भी हवाला दिया।
इसमें यह कहा गया था कि सरकारी आवास का सुरक्षा से कोई लेना देना नहीं। यदि ऐसा है तो अन्य लोगों को सुरक्षा के नाम पर क्यों रखा गया है। खंठपीठ ने दलीलें सुनने के बाद आदेश दिया कि एस्टेट विभाग उन सभी लोगों के नामों की जानकारी लेकर अदालत जाए, जो अब भी सरकारी आवासों में रह रहे हैं।