जितेंद्र सिंह: 'पिछले 50 वर्षों में कश्मीर रेलवे सेवा की देरी पर उठाए गए सवाल, अब मोदी सरकार के तहत होगा पूरा'
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विस्तार की सराहना की और कश्मीर को रेल से जोड़ने के बाद होने वाले व्यापार, उद्योग और पर्यटन में वृद्धि की उम्मीद जताई।
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जम्मू-कश्मीर में रेल सेवा के जल्द शुरू होने की उम्मीदों के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में देश भर में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जम्मू रेलवे डिवीजन के उद्घाटन के अवसर पर जम्मू रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक कार्यक्रम में सिंह ने कहा कि कश्मीर अब जल्द ही देश से रेल लिंक से जुड़ जाएगा, जो कि एक लंबे समय से चला आ रहा सपना पूरा होगा।
उधमपुर से भाजपा सांसद सिंह ने जम्मू से कश्मीर घाटी तक रेलवे लाइन के विस्तार में 50 वर्षों से अधिक का समय क्यों लगा, इस पर सवाल उठाया और लोगों से अपील की कि वे इस विकास को अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए मनाएं। यहां से कश्मीर के लिए पहली ट्रेन बहुत जल्द जाएगी, जो व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति देगी, साथ ही इस क्षेत्र में नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। मोदी जी ने हमारे लिए यह किया है, वास्तविक तरीके से।
कई बुजुर्ग याद करेंगे कि ठीक 53 साल पहले 1972 में जम्मू रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन आई थी। तो सवाल यह है कि कश्मीर तक रेल सेवा बढ़ाने में इतना समय क्यों लगा? पिछले पांच दशकों में कई सरकारें आई और गई। कभी न कभी कश्मीर तक रेलवे सेवा के विस्तार में हुई देरी चर्चा का विषय बनेगी। क्या प्राथमिकताएं अलग थीं या पहले की सरकारों में इच्छाशक्ति की कमी थी? क्या कुछ लोग नहीं चाहते थे कि कश्मीर को भारत के बाकी हिस्सों से रेल से जोड़ा जाए?
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जब मोदी सरकार 2014 में सत्ता में आई, तो कश्मीर रेल परियोजना पर काम लगभग रुक चुका था क्योंकि रेलवे लाइन और इसके मार्ग विवादों में उलझे हुए थे। लेकिन सरकार ने काम जारी रखने का निर्णय लिया, जिसके परिणामस्वरूप उधमपुर, श्रीनगर-बारामुला रेलवे लाइन पर चेनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल तैयार हुआ, जो हाल ही में पूरा हुआ और वर्तमान में कटड़ा और श्रीनगर के बीच ट्रायल रन हो रहे हैं।
सिंह ने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार तेजी से हुआ है। 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ट्रैक के विद्युतीकरण का काम 61,000 किलोमीटर से अधिक पूरा किया गया जबकि मेट्रो रेल की लंबाई जो 2014 में केवल 248 किलोमीटर थी। अब बढ़कर 1,000 किलोमीटर हो गई है।
सिंह ने जम्मू को उत्तर भारत के सबसे अच्छे कनेक्टेड डेस्टिनेशन में से एक बताया और कहा कि दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे के छह महीनों में पूरा होने से जम्मू को और भी अधिक कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे दिल्ली तक केवल छह घंटे में पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने उत्तर-पूर्व क्षेत्र का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दशक में इस क्षेत्र में कोई भी ऐसा स्थान नहीं बचा है, जहां डबल-ट्रैक रेलवे लाइन नहीं लगी हो जबकि अरुणाचल एक्सप्रेसवे ने कनेक्टिविटी और परिवहन नेटवर्क में सुधार किया है।