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Jammu News: खानपान की संस्कृति का अनोखा संगम, अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों का स्वाद
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बेसन के गट्टे, मूंग दाल पकौड़ी, सरसों का साग-मक्की की रोटी का स्वाद सबको खूब भा रहा
फोटो ट्रैक पर
रोजी देवी
मिश्रीवाला। झिड़ी मेले में खानपान की संस्कृतियों का भी अनोखा संगम है। अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों का स्वाद इस बार सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव ही नहीं बल्कि खानपान की विविधता का जीवंत केंद्र बन गया है। मेले में लगाए गए फूड कोर्ट में जम्मू की लोकल डिशेज के साथ-साथ पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वादिष्ट संगम देखने को मिल रहा है। लोग न केवल दर्शन करने आ रहे हैं बल्कि इन लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए भी दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।
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फूड कोर्ट में देशभर के स्टॉल्स की धूम
इस बार आयोजकों ने मेले को और आकर्षक बनाने के लिए अन्य राज्यों के स्टॉल्स लगवाए हैं ताकि आने वाले श्रद्धालु बाहरी राज्यों के फेमस व्यंजनों का स्वाद चख सकें। जम्मू की पारंपरिक डिशेज के अलावा पंजाब की सरसों का साग-मक्की की रोटी, राजस्थान की दाल बाटी चूरमा, महाराष्ट्र की पाव भाजी, गुजराती व्यंजन और दिल्ली की चाट स्पेशल्स की स्टॉल्स पर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं।
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मेले में उपलब्ध प्रमुख व्यंजन:
पंजाबी स्पेशल: सरसों का साग, मक्की की रोटी, छोले-भटूरे
राजस्थानी डिशेज : बेसन का गट्टा, मूंग दाल पकौड़ी, चूरमा लड्डू, मिर्ची बड़ा, प्याज कचौरी जोधपुरी चटनी के साथ, दाल वाली कचौरी, दाल बाटी चूरमा।
महाराष्ट्रीयन फेवरिट : बड़ा पाव, पाव भाजी, न्यूट्री कुलचा।
दिल्ली स्ट्रीट फूड: आलू टिक्की, भल्ला पापड़ी चाट, टिक्की चाट, आलू चाट, राम लड्डू।
अन्य आकर्षण : डोसा, देसी कचालू, पकाैड़े, जलेबी, कड़ी लहसुन की चटनी, कैर संगरिया अचार, चांप।
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मेले में उमड़ी भीड़, स्वाद का उत्सव
श्रद्धालु कहते हैं कि झिड़ी मेला अब एक फूड फेस्टिवल जैसा लग रहा है। जम्मू के स्थानीय व्यंजनों के साथ बाहर के स्वाद मिलकर मजा दोगुना हो गया। अमृतसर से आए श्रद्धालु रामसिंह ने बताया कि आयोजकों ने साफ-सफाई और क्वालिटी पर विशेष ध्यान दिया है ताकि हर कोई सुरक्षित और स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सके। झिड़ी मेला न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि भारत की विविध खानपान संस्कृति का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है।
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फोटो ट्रैक पर
रोजी देवी
मिश्रीवाला। झिड़ी मेले में खानपान की संस्कृतियों का भी अनोखा संगम है। अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों का स्वाद इस बार सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव ही नहीं बल्कि खानपान की विविधता का जीवंत केंद्र बन गया है। मेले में लगाए गए फूड कोर्ट में जम्मू की लोकल डिशेज के साथ-साथ पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वादिष्ट संगम देखने को मिल रहा है। लोग न केवल दर्शन करने आ रहे हैं बल्कि इन लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए भी दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।
फूड कोर्ट में देशभर के स्टॉल्स की धूम
इस बार आयोजकों ने मेले को और आकर्षक बनाने के लिए अन्य राज्यों के स्टॉल्स लगवाए हैं ताकि आने वाले श्रद्धालु बाहरी राज्यों के फेमस व्यंजनों का स्वाद चख सकें। जम्मू की पारंपरिक डिशेज के अलावा पंजाब की सरसों का साग-मक्की की रोटी, राजस्थान की दाल बाटी चूरमा, महाराष्ट्र की पाव भाजी, गुजराती व्यंजन और दिल्ली की चाट स्पेशल्स की स्टॉल्स पर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं।
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मेले में उपलब्ध प्रमुख व्यंजन:
पंजाबी स्पेशल: सरसों का साग, मक्की की रोटी, छोले-भटूरे
राजस्थानी डिशेज : बेसन का गट्टा, मूंग दाल पकौड़ी, चूरमा लड्डू, मिर्ची बड़ा, प्याज कचौरी जोधपुरी चटनी के साथ, दाल वाली कचौरी, दाल बाटी चूरमा।
महाराष्ट्रीयन फेवरिट : बड़ा पाव, पाव भाजी, न्यूट्री कुलचा।
दिल्ली स्ट्रीट फूड: आलू टिक्की, भल्ला पापड़ी चाट, टिक्की चाट, आलू चाट, राम लड्डू।
अन्य आकर्षण : डोसा, देसी कचालू, पकाैड़े, जलेबी, कड़ी लहसुन की चटनी, कैर संगरिया अचार, चांप।
मेले में उमड़ी भीड़, स्वाद का उत्सव
श्रद्धालु कहते हैं कि झिड़ी मेला अब एक फूड फेस्टिवल जैसा लग रहा है। जम्मू के स्थानीय व्यंजनों के साथ बाहर के स्वाद मिलकर मजा दोगुना हो गया। अमृतसर से आए श्रद्धालु रामसिंह ने बताया कि आयोजकों ने साफ-सफाई और क्वालिटी पर विशेष ध्यान दिया है ताकि हर कोई सुरक्षित और स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सके। झिड़ी मेला न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि भारत की विविध खानपान संस्कृति का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है।
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