महिलाओं के लिए जम्मू असुरक्षित, लेह सुरक्षित
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कभी घरेलू हिंसा के मामले में कश्मीर घाटी सबसे ऊपर थी, लेकिन अब जम्मू संभाग महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के मामलों में आगे जा रहा है। इसमें सबसे ऊपर नाम जम्मू जिले का है।
पिछले पांच साल के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो साफ नजर आता है कि जम्मू जिले में महिलाओं के साथ अत्याचार किस हद तक बढ़ रहा है। सबसे अधिक मामले दहेज उत्पीड़न के हैं।
इसके अलावा मारपीट, छेड़छाड़ सहित कई अन्य तरह के मामले हैं। पिछले पांच साल में दो हजार मामले घरेलू हिंसा के सामने आए। इनमें से 4157 लोगों को हिरासत में लिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार जम्मू जिले में सबसे अधिक 455 मामले दर्ज हुए हैं। इन मामलों में 1247 लोगों को हिरासत में लिया गया।
सुरक्षा को लगाए गए कई एक्ट
इसके बाद राजोरी जिले का नंबर आता है, 325 मामले सामने आए और यहां 546 लोगों को पकड़ा गया। श्रीनगर जिले में 255 मामले सामने आए और 439 लोगों को पकड़ा गया। पुंछ जिले में 100 मामले सामने आए और 221 लोग पकड़े।
रियासत का लेह जिला महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित है। यहां पिछले पांच साल में सिर्फ एक मामला सामने आया। कारगिल में तीन मामले सामने आए।
सामाजिक कल्याण मंत्री बाली भगत का कहना है कि इन मामलों को कम करने के लिए कई कानून बनाए गए हैं। महिला संरक्षण एक्ट 2010 और ओमन एक्ट 2011 लाए गए हैं, जिससे महिलाओं को सुरक्षित रखा जाए।
महिलाओं को हिंसा से बचाने के लिए कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।