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एंटी रैगिंग कमेटी और स्क्वायड करेंगे काम

Tue, 26 May 2015 09:39 PM IST
Updated Tue, 26 May 2015 09:39 PM IST
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jammu university anti ragging committee meeting

विश्वविद्यालय कैंपस और मान्यता प्राप्त कालेजों में दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले रैगिंग पर सख्ती की तैयारी की जा रही है। विश्वविद्यालय में रैगिंग से निपटने के लिए रैगिंग कमेटी के साथ रैगिंग स्क्वायड अलग से काम करेंगे। इसके लिए कैंपस में पंद्रह स्थानों को चुना गया है।

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दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को पंपलेट और प्रोस्पेक्टस में रैगिंग के बारे में जागरूक किया जाएगा। पिछले पांच साल में एक मामले को छोड़कर कैंपस में रैगिंग का कोई मामला नहीं आया है। मंगलवार को विवि में रैगिंग कमेटी की बैठक में कालेज प्रशासनों, कमेटी और अन्य दूसरे सदस्यों को दिशा निर्देश जारी करने के साथ व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी लिए गए।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आरडी शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों को अधिक जागरूक करने पर काम किया जाएगा। इसके लिए रैगिंग कमेटी के साथ रैगिंग स्क्वायड बनाए गए हैं। जिसमें सदस्य अपने स्तर पर रैगिंग की जांच करके रैगिंग कमेटी या अन्य दूसरी संबंधित एजेंसी को तत्काल रिपोर्ट करेंगे।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए रैगिंग की शिकायत करने के लिए यूजीसी के मानदंडों के तहत आनलाइन सुविधा भी शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच और पुलिस विभाग के सिक्योरिटी विंग से बाहर और कैंपस के भीतर के विद्यार्थियों और अन्य असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल व अनुशासन बिगाड़ने की रिपोर्ट मिलती रही है। लेकिन आधिकारिक तौर पर ऐसी शिकायतें नहीं दी जाती हैं।

इन जगहों पर होगी एंटी रैगिंग स्क्वायड की नजर

jammu university anti ragging committee meeting

डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. पंकज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2013 में ला विभाग से रैगिंग की एक शिकायत पर दोषी विद्यार्थी को तीन दिन निलंबित किया गया था। आन लाइन में मेडिकल कालेज जम्मू से एक शिकायत मिली थी। लेकिन जांच में वह गलत साबित हुई।

बैठक में आए सुझावों में रैगिंग रोकने की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए वाट्सएप जैसे सोशल लाइट के प्रयोग सहित जूनियर और सीनियर विद्यार्थियों में वार्तालाप और चर्चा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। उल्लेखनीय है कि जून में स्नातक पहले वर्ष की परीक्षाओं के लिए कैंपस में पीजी सीटों के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। जिसमें रैगिंग के मामलों के होने की आशंका रहती है।

विश्वविद्यालय कैंपस में विभिन्न स्थानों पर रैगिंग रोकने के लिए स्क्वायड बनाया गया है। इसमें प्रशासनिक, आधिकारिक और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। स्क्वायड में वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी आदि सदस्य शामिल हैं। शिनाख्त किए जाने वाले विभिन्न यूनिटों में प्रशासनिक ब्लाक व कुलपति सचिवालय, सूचना एवं पीआर केंद्र, कंट्रोल विंग, परीक्षा हाल, स्टूडेंट वेलफेयर विभाग, सोशल साइंस ब्लाक, ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह सभागार, साइकोलाजी आदि शामिल हैं।

यहां जानिए, क्या है रैगिंग

jammu university anti ragging committee meeting

रैगिंग की लीगल परिभाषा के अनुसार, कोई भी ऐसा काम जिससे छात्र को शारीरिक, मानसिक या फिजियोलॉजिकल नुकसान हो या हो सकता हो या छात्र को टीज करना या उसको चुटकलों की मदद से गाली निकाला या उनको प्रताड़ित करना जिससे वह शर्म या आत्मग्लानि महसूस करे या उसको ऐसा काम करने के लिए कहना या उससे ऐसा काम करवाना जिसे वह सामान्य परिस्थितियों में नही करना चाहे, को रैगिंग कहा जाता है।

- रैगिंग करने पर गिर सकती गाज
- कक्षाओं से निलंबित करना
- आरोपी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं देना
- परीक्षा या किसी अन्य टेस्ट में बैठने की इजाजत न देना
- कोई मीट, प्रतियोगिता, यूथ फेस्टिवल से बाहर रखना
- हास्टल सुविधा से निलंबित करना
- दाखिले को रद करना
- संस्थान से बर्खास्त करना
- किसी भी संस्थान में जाने की इजाजत न देना

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