{"_id":"6442f0f565c0681b610d32c5","slug":"jammu-univercity-jammu-news-c-10-jam1008-98311-2023-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: जम्मू विश्वविद्यालय में खेल नीति को लागू करने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: जम्मू विश्वविद्यालय में खेल नीति को लागू करने की तैयारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय खेल नीति लागू करने की तैयारी में है। इसको लेकर विश्वविद्यालय की कुलपित प्रोफेसर उमेश राय ने पहले निर्देश भी दिए थे। इस पर मंथन जारी है। इस नीति के लागू होने से प्रदेश, राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे प्रतिभागियों को लाभ दिया जाएगा।
मेडल या प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय के शिक्षक डॉ. मंदीप ने कहा कि भविष्य के लिए कई अहम नीतियां खेल विभाग तैयार कर रहा है। प्रावधान रखा जा रहा है कि श्रेष्ठ प्रतिभागियों को हॉस्टल सुविधा निशुल्क दी जाए। फीस भी माफ की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुलपति ने नवाचार का सराहनीय कंसेप्ट लागू किया है। इसमें बताया गया है कि कक्षा तक पढ़ाई और प्रयोगशाला तक शोध सीमित न हो। उन्होंने कहा कि पहले छात्र या शोधार्थी सिर्फ अपने हित के लिए पढ़ाई करते थे। आम छात्र को समाज से कोई मतलब नहीं था। लेकिन समय आ गया है कि ज्ञान को समाज के सभी लोगों तक पहुंचाए जाए। कक्षा में पढ़ाई के साथ फील्ड वर्क को भी प्राथमिकता दी गई है।
विज्ञापन
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय खेल नीति लागू करने की तैयारी में है। इसको लेकर विश्वविद्यालय की कुलपित प्रोफेसर उमेश राय ने पहले निर्देश भी दिए थे। इस पर मंथन जारी है। इस नीति के लागू होने से प्रदेश, राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे प्रतिभागियों को लाभ दिया जाएगा।
मेडल या प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय के शिक्षक डॉ. मंदीप ने कहा कि भविष्य के लिए कई अहम नीतियां खेल विभाग तैयार कर रहा है। प्रावधान रखा जा रहा है कि श्रेष्ठ प्रतिभागियों को हॉस्टल सुविधा निशुल्क दी जाए। फीस भी माफ की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुलपति ने नवाचार का सराहनीय कंसेप्ट लागू किया है। इसमें बताया गया है कि कक्षा तक पढ़ाई और प्रयोगशाला तक शोध सीमित न हो। उन्होंने कहा कि पहले छात्र या शोधार्थी सिर्फ अपने हित के लिए पढ़ाई करते थे। आम छात्र को समाज से कोई मतलब नहीं था। लेकिन समय आ गया है कि ज्ञान को समाज के सभी लोगों तक पहुंचाए जाए। कक्षा में पढ़ाई के साथ फील्ड वर्क को भी प्राथमिकता दी गई है।
विज्ञापन