{"_id":"63981712b2227f120d1a001a","slug":"jammu-traders-demand-from-jk-government-to-restored-darbar-move","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू: घाटे में व्यापार, दरबार मूव करें बहाल, व्यापारियों ने प्रदेश सरकार से की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू: घाटे में व्यापार, दरबार मूव करें बहाल, व्यापारियों ने प्रदेश सरकार से की मांग
Tue, 13 Dec 2022 11:39 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 13 Dec 2022 11:39 AM IST
सार
ऑल जम्मू होटल्स एंड लाजेज एसोसिएशन के प्रधान पवन गुप्ता ने कहा कि इस साल माता वैष्णो देवी तीर्थ यात्रियों की संख्या 90 लाख को पार करने की उम्मीद है, लेकिन जम्मू के व्यापारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन
Jammu City
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू के व्यापारियों ने घाटे में चल रहे व्यवसाय का हवाला देते हुए सरकार से दरबार मूव को बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है दरबार मूव से जम्मू में छह माह तक कारोबार को गति मिलती थी। लेकिन, अब कारोबार ठंडा पड़ गया है।
विज्ञापन
ऑल जम्मू होटल्स एंड लाजेज एसोसिएशन के प्रधान पवन गुप्ता ने कहा कि इस साल माता वैष्णो देवी तीर्थ यात्रियों की संख्या 90 लाख को पार करने की उम्मीद है, लेकिन जम्मू के व्यापारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। कटड़ा से होकर केवल 10 से 15 प्रतिशत तीर्थ यात्री ही जम्मू शहर में पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
वर्तमान में व्यापारी सबसे खराब स्थिति का सामना कर रहे हैं। सरकार को जम्मू में व्यापारिक समुदाय को हो रहे नुकसान को गंभीरता से लेना चाहिए। व्यापारियों के अस्तित्व को बचाने के लिए आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए। कहा कि जम्मू को एक स्वतंत्र पर्यटन आकर्षण बनाने के लिए कृत्रिम झील और मुबारक मंडी हेरिटेज कांप्लेक्स जैसी सरकारी परियोजनाओं का सहारा लिया गया था, लेकिन ये परियोजनाएं कछुआ गति से बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
वहीं, एसोसिएशन के प्रीतम शर्मा ने कहा कि जम्मू में व्यवसाय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी (डीएपी) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद भी दरबार मूव की बहाली की वकालत कर चुके हैं।